CENTRAL INFORMATION COMMISSION
Sandip Ravindra Patil – Appellant
Versus
National Highways Authority of India (NHAI) – Respondent
CIC/NHAIN/A/2025/600886
के न्द्रीय सूचना आयोग Central Information Commission बाबा गंगनाथ मागग, मुननरका
Baba Gangnath Marg, Munirka नई निल्ली, New Delhi – 110067 File No: CIC/PCIND/A/2025/141905 Shiv Narayan Shrivastava .….अपीलक VERSUS बनाम CPIO : Press Council of India, Soochna ….प्रनर्वािीगण /Respondent Bhawan, 8, CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi - 110003 Date of Hearing : 10-03-2026 Date of Interim Decision : 10-03-2026 INFORMATION COMMISSIONER : Khushwant Singh Sethi Relevant facts emerging from appeal:
RTI application filed on : 01-10-2024 CPIO replied on :
First appeal filed on : 11-11-2024 First Appellate Authority’s order :
2nd Appeal dated : 31-12-2024 Information sought:
1. The Appellant filed an RTI application dated 01-10-2024 seeking the following information:
“उपर्यक्ु त विषर् के संदर्ु में विनम्रतापूिकु ननिेदन करना है सूचना का अधिकार अधिननर्म , 2005 के क्रम में ननर्तु राजाज्ञा संख्र्ा-993/43-2-2005 ददनांक
19 अक्टूबर , 2005 (
संलग्नक संख्र्ा-1)
का अिलोकन करने की कृपा करें , जजसके
प्रस्तर-4 (1)
अधिननर्म की
िारा-6 की
उपिारा-1 के अन्तर्तु र्रीबी रेखा से नीचे
(B.P.L.)
पररिार के व्र्जक्त द्िारा चाही र्र्ी सूचनाओं की सयस्पष्ट प्रमाणित छार्ाप्रनतर्ों ननिःशयल्क उपलब्ि कराने की सयवििा प्रदान की र्र्ी है।
मैं र्रीबी रेखा से नीचे
(B.P.L.)
पररिार के राशन कार्ु का सदस्र् हूूँ तथा श्रीमान्
तहसीलदार सदर , जनपद फर्रुखाबाद द्िारा प्रदत्त आर् प्रमाि पत्र संख्र्ा- 293211094049 ददनांक-20 ददसम्बर , 2021 के अनयसार िावषकु आर् रू 48,000/-
की छार्ाप्रनत संलग्न की जा रही है। (संलग्नक संख्र्ा-2 ि 3) ।
उपरोक्त संदर्र्तु राजाज्ञा ददनांक
19 अक्टूबर , 2005 के अन्तर्तु ननम्नांककत सूचनाओं की सयस्पष्ट प्रमाणित छार्ाप्रनतर्ों उपलब्ि कराने की कृपा करें:-
1. मयझ प्राथी / र्शकार्तकताु के रजजस्टर्ु पासलु पत्र संख्र्ा-CU476911467IN ददनांक
31 अर्स्त , 2024 ( संलग्नक संख्र्ा-4)
जो र्ारतीर् र्ाक विर्ार् की इण्टरनेट कॉपी ददनांक
14 र्सतम्बर , 2024 (
संलग्नक संख्र्ा-5) के अनयसार ददनांक-05 र्सतम्बर , 2024 को समर्
16:36:10 पर आपके कार्ाुलर् में प्राप्त हो चयका है।
उक्त र्शकार्ती पत्र ददनांक
31 अर्स्त , 2024 में सन्दर्र्तु ककड्स िैली एजूकेशन सेन्टर , खतराना स्रीट , जनपद-फर्रुखाबाद एिं अददशा पजब्लक स्कूल (सी.एच.सी. धचककत्सालर् बरौन के सामने) कार्मर्ंज रोड़ जनपद-फर्रुखाबाद का फजी / भ्रामक / र्यमराह पूिु विज्ञापन दैननक समाचार पत्रों में ि दैननक जार्रि द्िारा प्रनतिषु
िावषकु कलेण्र्रों में प्रकार्शत करने िाले दैननक समाचार पत्र के प्रिान सम्पादक/सम्पादक दैननक जार्रि (कानपयर) के विरूद्ि पत्र प्राप्त करने के ददनांक-
05 र्सतम्बर , 2024 से अद्र्तन की र्र्ी कृत कार्िु ाही की सयस्पष्ट प्रमाणित छार्ाप्रनत उपलब्ि कराने की कपा करें।
2 2. दैननक जार्रि (कानपयर) के द्िारा अपने दैननक समाचार पत्रों एिं दैननक जार्रि (कानपयर) के द्िारा प्रनतिषु प्रकार्शत होने िाले िावषकु कलेण्र्रों में बबन्दय संख्र्ा-1 में िणितु "बबना मान्र्ता" के संचार्लत विद्र्ालर्ों के फजी / भ्रामक / र्यमराह पूिु विज्ञापनों को प्रकार्शत करने िाले दैननक जार्रि (कानपयर) के प्रिान सम्पादक/सम्पादक के विरूद्ि र्दद आपके द्िारा अद्र्तन कोई कार्िु ाही नही की र्र्ी है , तो उससे सम्बजन्ित कारि र्ी प्रमाणित साक्ष्र्ों / अर्र्लेखों सदहत उपलब्ि
कराने की कृपा करें।
3. दैननक समाचार पत्रों / िावषकु कलेण्र्रों में फजी / भ्रामक / र्यमराह पूिु विज्ञापन प्रकार्शत करने की कोई राजाज्ञा ननर्तु की र्र्ी है। र्दद हॉ , तो उसकी सयस्पष्ट प्रमाणित छार्ाप्रनत उपलब्ि कराने की कृपा करें।
4. र्ारतीर् प्रेस पररषद द्िारा दैननक समाचार पत्रों/ िावषकु कलेण्र्रों में फजी / भ्रामक / र्यमराह पूिु विज्ञापन प्रकार्शत करने का कोई आदेश ननर्तु ककर्ा र्र्ा है , तो उसकी
र्ी सयस्पष्ट प्रमाणित छार्ाप्रनत र्ी उपलब्ि कराने की कृपा करें।”
2. Having not received any response from the CPIO, the Appellant filed a First Appeal on 11-11-2024, FAA’s order, which is not adjudicated as per the record of the Commission.
3. Feeling aggrieved and dissatisfied, Appellant approached the Commission with the instant Second Appeal.
Relevant Facts emerged during Hearing:
The following were present:-
Appellant: Attended the hearing in person.
Respondent: Ms. Sashwati Narain, SO & PIO along with Mr. Rahul Arya, SO &
PIO, attended the hearing in person.
4. The Appellant stated that he had raised a complaint regarding misleading advertisements in a
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