2026 Supreme(Online)(CIC) 7296
CENTRAL INFORMATION COMMISSION
Jaya Varma Sinha, Information Commissioner
Shailendra Pratap Singh – Appellant
Versus
Central Vigilance Commission – Respondent
CIC/CVCOM/A/2024/101952
For the Appellants/Petitioners:
For the Respondents: Dhananjay Kumar Ranjan, Rohminghen Songate
An RTI application containing obscene, vulgar, or derogatory language is contrary to the dignity of official communication and undermines the spirit of the Right to Information Act, 2005, warranting summary dismissal without addressing the merits of the request.
Headnote:(A) Right to Information Act, 2005 - Sections 2(j) and 6 - RTI Application - Usage of obscene and vulgar language - Appellant filed an RTI application containing highly derogatory and offensive remarks against public officials - CPIO and First Appellate Authority rightly rejected the application noting the lack of defined information and the use of inflammatory language - Commission admonishes the appellant for breach of decorum.
Facts of the case:
The appellant filed an RTI application seeking absurd information involving offensive and vulgar personal details about public officials and their families, comparing their service standards to animals. The CPIO rejected the request, warning the appellant against using obscene language, which was upheld by the First Appellate Authority.
Findings of Court:
The Commission observed that the RTI application was devoid of merit and contained language that is obscene, derogatory, and inappropriate. Such conduct undermines the spirit of the transparency law and violates the dignity of official communications.
Issues: Whether the RTI application filed by the appellant conforms to the requirements of the RTI Act, 2005, and whether the language used therein warrants dismissal.
Ratio Decidendi: The Right to Information Act is intended to promote transparency and accountability; it does not grant a license to use disparaging or vulgar language against public servants. Applications containing such offensive content are liable to be dismissed outright without considering the merits.
Result: Appeal dismissed.
| Table of Content |
|---|
| 1. rti applications using offensive, vulgar, and derogatory language are liable for summary dismissal. (Para 1 , 2 , 3 , 4 , 5 , 6 , 7) |
Relevant facts emerging from appeal:
Information sought:
1. The Appellant filed an RTI application dated 03.11.2023(offline) seeking the following information:
“महोदय, RTI Act- 2005 के तहत तुत िवशेष कम का सूचना िनवेदन प के आधार िन वणत ह।ै
1- यह क ातय हो क दो गाँव 1) िचलुआ और 2) िवशुनपुरा ाम सभा का िनवास पता पीकृ त होने के बाद िवशुनपुरा गाँव से फज पता दखाकर फज कागजात दतावेज़ के आधार पर फज पासपोट बनना सािबत होने के मामले मिवदशे भगोड़ा आरोपी अिमत उफ सोनू उफ शुधन पु शंभू िनवासी िचलुआ सिहत अय आरोपी अपरािधय का सहयोग सुरा संरण दान कर रहे केीय अिधकारी गण और राय के अिधकारी कमचारी गण िजसम (ाचार कायकरण म शािमल) सूचना लागत शुक धनरािश क चोरी गबन लूट करने वाले लोक सेवक गण िजसम
क) सुरेश राणा उप पासपोट अिधकारी PSP संवगिवदशे मं ालय व सतकता याग भारत सरकार, नई दली
ख) भूप संह िनखुरपा अवर सिचव (RTI) CPIO िवदशे मंालय, भारत सरकार, नई दली
ग) लव संह ेीय पासपोट अिधकारी पासपोट कायालय कालेस (RBI के पीछे) िविपन खड गोमतीनगर, लखनऊ
घ) किनक शमाेीय पासपोट अिधकारी एवं (FAA) पासपोट कायालय कालेस (RBI के पीछे) िविपन खड गोमतीनगर, लखनऊ (उ००)
ङ) अपर मुय सिचव / मुख सिचव गृह िवभाग उ०० शासन लखनऊ (उ००)
च) पुिलस महािनदशे क पुिलस मुयालय, लखनऊ (उ००)
छ) पुिलस आयु लखनऊ (उ००), अपर पुिलस उपायु मय जोन, लखनऊ, ेािधकारी सहायक पुिलस आयु सकल हजरतगंज, लखनऊ थानाय/भारी िनरीक, हजरतगंज पुिलस, लखनऊ (उ००)
ज) धवल कु मार जयसवाल पुिलस अधीक, कु शीनगर DIG गोरखपुर, IG गोरखपुर, अपर पुिलस अधीक कु शीनगर, ेािधकारी कसया कु शीनगर, िवनय कु मार संह थानाय कानगंज पुिलस थाना कु शीनगर, रिव भूषण राय पुिलस नायब दारोगा सकल े िचलुआतकालीन अलग- अलग समय म कायरत कई थानाय पुिलस थाना- अिहरौली बाज़ार, िजला- कु शीनगर (उ००)
झ) टी मोशांग मारग अवर सिचव (RTI) म नं0 2021 JNB-23-जनपथ रोड, नई दली (भारत)
सूचना िबदुसं० 1) उपयु सभी अिधकारय/ कमचारय एवं इनक सहायता सुरा कर रहेउिधकारय क बहन / िसटर / दलु ारी िपता क पुी के ाइवेट पास /गुांग / बुर / चुत / ओभरी पर कतनी संया म झाट का बाल/ ाइवेट हये र ह।ै इनसेिगनती करा कर रकॉड उपल ध कराया जाव। उपरो अिधकारय क सेवा नौकरी का तर / लेबल उस जंगली लयहीन घोडा क तरह ह।ै िजसेराजा क घोड़बधी म तो बाढ़ दया गया ह।ै लेकन यह अिधककारी पी जंगली घोडा राजा के रथ म तो बांध दया गया ह।ै लेकन राजा के रथ को सही दशा म सड़क पर लेकर चलने के बजाए उस रथ को यह ऊबड़ खाबड़ पथरीली िबना माग / राते वाले जगह पर लेकर दौड़ा रहेह।ै इन अिधकारय क अनुशासन हीनता के कारण सुचना अिधकार कानून भािवत होकर शासकय काय म बमा उप होकर आम नागरक के मौिलक अिधकार को भािवत कर रहेअिधकारी गण पी जंगली घोड़ को ठीक करने का इससे बेहतर और उिचत िवकप नह होगा। इनके ऐसी लापरवाही का परणाम ही "हाथरस कांड" के प म देखा जा सकता ह।ै जहां पुिलस वालेलाश जला रहेह।ै सोिचए ||
सूचना िबदुसं0 2) उपयु सभी अिधकारय/ कमचारय एवं इनक सहायता कर रहेउािधकारीय क िबटया / डाटर / पुी क ाइवेट पाट / बुर / चुत / ओभरी/गुांग म उंगली करने का या रेट ह।ै और सहमित केसाथ बलाकार करने का या रेट (मूय) ह।ै इनसे पूछ कर रकॉड म बताया जाव। तथा िहप/ चुतड़ / गाड म खोदने का या रेट है? बताया जाव । उपरो अिधकारय क सेवा नौकरी का तर / लेबल उस बेसुरी दशाहीन नदी केपानी केजैसा ह।ै जो बांध तोड़ कर कसान क फसल को तबाह कर दतेी ह।ै और कसान ऐसी िवनाशकारी लयहीन नदीय के पानी से डरनेलगता ह।ै उ इन अिधकारय को गंगा का प दके र नहर मवािहत कर अनुशािसत करते ए तबाह कर रहेपानी को एक दशा देकर हजार- हजार मेगावाट क िबजली पैदा करने जैसे शासकय वथा को लानेहते ुऔर गाँव दशे दशे को रोशन करने/ ाचार मु भारत क कपना करनेहते ुयह सूचना िनवेदन प तुत कया जा रहा ह।ै इनकेऐसी लपवाही का परणाम "िजला- दवेरया नरसंहार काड" के प मदखे ा जा सकता ह।ै िवचारणीय अनुसरणीय ह।ै
सूचना िबदुसं० 3) उपयु सभी अिधकारय/ कमचारय एवं इनक सहायता कर रहेउािधकारीगण क बीबी / पी वाइफ (मिहला अिधकारी होने क दशा म वह वयं) ारा इनक नौकरी क िहफाजत करने के चर मकतने नेता िवधायक/सांसद/ मंी/ मुयमंी / धानमंी जैसे नेता का िबतर गरम / सेस पेलनी करवा कर ाइवेट पाट / बुर / गुांग चोदवा कर इनक नौकरयाँबचाई ह।ै उन सभी नेता क संया का रकॉड सूचना ित इनसे पूछ कर बताया जाव। इनक जमीर और वािभमान अभी मरा नह ह।ै जंदा ह।ै येबताएँगे। पिूछए।" उपरो अिधकारय क सेवा नौकरी का तर / लेबल उस बेसुरे सूअर क तरह ह।ै जो सूअर बाड़ा मकैसेरहना ह।ै यह नह जानतेह।ै और