IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH AT JABALPUR
Dwarka Dhish Bansal, J
Sanjay Jatav – Appellant
Versus
State of Madhya Pradesh – Respondent
CRIMINAL REVISION NO.1130 of 2026
Key Points: - The trial court must apply its mind and provide a speaking, non-mechanical order when framing charges under BNSS, reflecting consideration of material on record (including charge-sheet) to determine if a prima facie case exists. (!) (!) (!) - If the order framing charges is silent on the material relied upon or the basis for finding a prima facie case, it is vulnerable to being set aside and remanded for a reasoned, fresh consideration. (!) (!) (!) - In revisional jurisdiction, the court may remand to ensure proper application of mind and to provide a reasoned order, rather than substituting its own findings; the absence of findings requires remand. (!) (!)
| Table of Content |
|---|
| 1. criminal revision against mechanical order framing charges. (Para 1 , 2) |
| 2. requirement for reasoned orders in framing charges. (Para 3 , 4 , 5 , 6 , 7 , 8 , 9) |
| 3. judicial precedents on prima facie evidence and charge framing. (Para 10 , 11 , 12 , 13 , 14 , 15 , 16 , 17 , 18 , 19 , 20 , 21 , 22) |
| 4. revisional power to remand for failure of reasoning. (Para 23 , 24) |
| 5. order setting aside charge framing and remanding case. (Para 25 , 26 , 27 , 28) |
ORDER
1. This criminal revision under Section 438/442 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (in short ‘the BNSS’) has been preferred by the petitioner/accused challenging the order dtd.28.01.2026 passed by the Additional Sessions Judge, Berasia, District Bhopal in Case No. S.T.37/2025, whereby charges under Section 351(3) and 351(1) of the Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (in short ‘the BNS’) have been framed against the petitioner.
2. With a view to understand the prosecution case and to see the method and manner, in which the court below has exercised its jurisdiction, entire impugned order dtd.28.01.2026, is quoted as under:
“राय वारा अपर लोक अभयोजक । आरोपी मनोज एवं संजय सहत ी मलखान अधवता । करण आज आरोपी संजय क ओर से तुत आवेदन अतं गत धारा 250 भारतीय नागरक सुरा संहता पर आदेश हेतुनयत है। उत आवेदन पर उभयप के तक वण कये गये। आरोपी संजय का संेप म उत आवेदन यह है क करण म फरयाद वारा आरोपी संजय पर झूठा करण बनाकर जो आरोप लगाये गये है वह नराधार है। संजय जाटव और मनोज रैकवार का करण म कृय कहं भी कसी भी कार से समान न होकर असमान है तथा पूरे करण म संजय जाटव वारा मनोज रैकवार का कहं कसी कार से कोई साथ नहं दया गया है। संजय जाटव को के वल मनोज का दोत होना बताया गया है। इसके अतरत कसी भी कार से संजय जाटव वारा ऐसा कोई कृय नहं कया गया है िजससे उसे करण म सह आरोपी बनाया जाय। अपने आवेदन म यह भी यत कया है क दोन आरोपी पर अलग अलग करण बनता है परतु फरयाद वारा पुलस के साथ मलकर दोन अभयु त को एक ह करण म समान प से फं साया गया है जो क नराधार है। उत आधार पर संजय जाटव का आवेदन वीकार कर उसे उमोचत कर दोषमु त कये जाने क ाथना क गयी है। राय क ओर से अपर लोक अभयोजक के वारा अपने लखत जबाव म आवेदन के तय को अवीकार करते हुये यह यत कया है क आरोपी मनोज एवं संजय दोन करण म आरोपी है। आरोपी मनोज वारा पीडता के साथ शाद का झांसा देकर बार बार बलासंग कया तथा सह आरोपी संजय जाटव सपूण अपराध म सहभागी रहा है इसीलये आरोपी एवं पीडता के बीच क सपूण बात क जानकार है तथा आरोपी संजय जाटव ने पीडता को धमकाया है क यद उसने उसके साथ संबंध नहं बनाये तो सभी गोपनीय बात उसके घर वाल को बता देगा। उत आधार पर आवेदन नरत कये जाने क ाथना क गयी है। करण का अवलोकन कया गया। अभयोजन कहानी के अनुसार दनांक 04.07.2025 को अभयोी के वारा इस आशय क रपोट लेख कराई गयी है क वह अभयु त को बचपन से जानती है और वह और मनोज करब एक साल से एक दसू रे को पसंद करते थे और बात करते थे, शाद करना चाहते थ।े अभयु त मनोज छुपकर अभयोी से रात म मलने आता था और एक बार अभयोी के साथ बलाकार कया और अभयु त मनोज उसे वदशा घुमाने ले जाता था वहां होटेल म लेजाकर कहता था क वह दोन शाद कर लगे और शाद का झांसा देकर अभयोी के साथ गलत काम करता था। आखर बार फरयाद / अभयोी और मनोज के बीच वदशा होटल म शाररक संबंध बने थे, उसके बाद, मनोज ने दनांक 27.06.2025 को दोपहर 01:30 बजे सेमरा रोड शमशाबाद चौराहे पर मलने बुलाया और कहने लगा क उसक सगाई कहं और हो गयी है और वह उससे शाद नहं कर सकता है और वहां से चला गया इसीलये उसी दन अभयोी ने चूहा मार दवाई पी ल तो उसके घर वाले उसे बैरसया जनरल अपताल लेकर आये जहां उसके बयान हुये थे लेकन डर के कारण अपताल म बयान म कुछ नहं बताया था यक मनोज के पास उसके अलल फोट है िजसे वायरल करने क धमक देता था, मनोज का दोत संजय जाटव भी उसे धमक देता था क वह उससे बात कर और वह नहं करेगी तो उसके और मनोज के बार म उसके घर बता देगा और रतेदार म बदनाम कर देगा। अभयोी क उत रपोट पर से अभयु तगण के वध अपराध कमांक 345/2025 अतं गत धारा 69, 351(3), 3(5) बीएनएसएस का पंजीबध कया गया। करण अवलोकन से यह पट है क आरोपी तक कम पर क उत आवेदन आरोपी संजय क ओर से अतं गत धारा 250 बीएनएसएस के तहत तुत कया गया है। उत धारा के परेय म यायालय का यह कत य है क वह आरोप क वरचना के समय अभयोग प क समत सामी पर वचार कर यह तय करना होता है क या यायालय के सम पेश सामी आरोप के लये युितयु त आधार देती हैया नह। यहां युितयुत आधार से तापय दोषसध के आधार से
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