HIGH COURT OF RAJASTHAN (JODHPUR BENCH)
Mukesh Rajpurohit, J
Laxmana Ram – Appellant
Versus
State Of Rajasthan – Respondent
S.B. Criminal Miscellaneous Bail Application No. 1738/2026
This second application for bail under Section 483 of BNSS (439 Cr.P.C.) has been filed by the petitioner who has been arrested in the present matter. The requisite details of the matter are tabulated herein below:
| S. No. | Particulars of the case | |
|---|---|---|
| 1. | FIR Number 281/2024 | |
| 2. | Police Station Raniwada | |
| 3. | District Sanchore | |
| 4. | Offences alleged in the FIR | Under Sections 126(2), 115(2),109(1), 308(2) and 3(5) of BNS, 2023. |
| 5. | Offences added, if any | Under Section 103(1) 190 and 191(2) of BNS, 2023. |
The 1st bail application filed on behalf of petitioner i.e. S.B. Criminal Misc. Bail Application No.11964/2025 was dismissed vide order dated 29.10.2025 passed by this Court with the liberty to the petitioner to file fresh bail application after recording the statement of Jeta Ram @ Jayanti and Magan Ram. After rejection of first bail application, the statement of Jeta Ram @ Jayanti and Magan Ram, has been recorded before the trial court, deposed as PW-3 and PW-5 respectively. Hence, this second application for bail has been filed.
It is contended by learned counsel for the petitioner that the allegations levelled against the petitioner are false and fabricated.
PW-3 Jeta Ram @ Jayanti Lal and PW-5 Magan Ram have improvised their statements, and that their testimony is not reliable, as both of them are relative of the deceased Hakma Ram.
The relevant portion of the statements of PW-3 Jeta Ram @ Jayanti Lal recorded are reproduced hereunder:-
“यह कहना सही है कि मजीराम घटनास्थल पर मौजूद हो यह बात पुलिस बयान प्रदर्श डी 5 में लिखी हुई नहीं है। यह कहना सही है कि मुलजिमान सांवलाराम, लक्ष्मण व मंजीराम हकमाराम को होटल से खींचकर ६ घटनास्थल पर लाये हो उक्त बात मेरे पुलिस बयान प्रदर्श डी 5 में लिखी हुई। नहीं है। यह कहना सही है कि किस मुलजिम के हाथ में क्या हथियार था उक्त बात मेरे पुलिस बयान में लिखी हुई नहीं है। अजखुद कहा मुलजिमानों के हाथ में लाठी व स्टील की पाईप थी यह लिख हुआ है। यह कहना सही है कि मुलजिमान किन नंबरों की गाडी लेकर आये थे वो मैं ने नंबर नहीं देखे इसलिए बयानों में नहीं लिखवाये। लक्ष्मणाराम के हाथ में लौहे की पाईप हो व सांवलाराम व मंजीराम के हाथ में लाठी हो यह बात मेरे पुलिस बयानों में लिखी हुई नहीं है। अजखुद कहा मुलजिमान के हाथ में लाठियां व स्टील का पाईप था ऐसा लिखवाया था। यह कहना सही है कि सांवलाराम ने लाठी की चोट हकमाराम के सिर में मारी जिसे उसने अपने हाथ से बचाया व उससे हाथ टूट गया हो उक्त बात मेरे पुलिस बयान प्रदर्श डी 5 में लिखी हुई नहीं है। यह कहना सही है कि हकमाराम के दोनों पैरों पर मुलजिमान से चोट मारी हो जिससे उसके पैर टूट गये हो व नश टूट गयी हो ऐसा मेरे पुलिस बयान में लिखा हुआ नहीं है। यह कहना सही है कि हकमाराम के सिर में कोई चोट लगी हो उक्त बात का अंकन नहीं है। यह कहना सही है कि मुलजिमानों ने हकमाराम के साथ जान से मारने की नियत से मारपीट की हो ऐसा मेरे पुलिस बयानों में लिखा हुआ नहीं है। यह कहना सही है कि मैं मृतक हकमाराम व मुलजिमानों को जानता हूं। मुझे जानकारी नहीं है कि मुलजिमान व हकमाराम के बीच कोई अदावदी हो। ...
यह कहना सही है कि मेरे पुलिस बयान में किस मुलजिम ने मृतक के कहां चोट मारी यह लिखा हुआ नहीं है। हकमाराम का हाथ टूट गया हो यह बात मेरे बयानों में लिखी हुई नहीं है। यह कहना सही है कि मेरे पुलिस बयान में उक्त बात लिखी हुई नहीं है कि मुलजिमानों ने जाते हुए कहा हो कि आज तो आपने छुड़ा दिया है आंईदा इसे जान से मार देंगे। मैं ने पुलिस को घटनास्थल का निरीक्षण करवाया था। यह कहना सही है कि मारपीट वाली जगह सड़क के किनारे आयी हुई है। यह कहना सही है कि घटनास्थल से हजारों वाहन आते-जाते है। यह कहना सही है कि घटना के समय होटल के आगे दो ढक भी खड़े थे, उक्त घटना टक के पास घटित हुई थी। यह कहना सही है कि नक्शामीका में मैं घटना के वक्त कहा खडा था व घटना देखी, वह स्थान मैं ने पुलिस को नहीं बताया। ...
….घटनास्थल का निरीक्षण घटना के 4 दिन उसे बाद किया था। मेरे पुलिस में बयान घटना के 4 दिन बाद हुए थे। यह कहना सही है कि जिस दिन पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया उसी दिन मेरे बयान लिए गए थे उससे पहने नहीं लिए गए थे। यह कहना सही है कि मैं पुलिस के पास स्वयं बयान देने नहीं गया था मौका निरीक्षण के लिए पुलिस ने मुझे बुलाया था। यह कहना सही है कि फर्द सुरतहाल लाश फर्ड प्रदर्श 2 में हाथ और पायों के अलावा शरीर पर अन्य कही पर चोट लग
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