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2026 Supreme(Online)(Raj) 15235

[2026:RJ-JP:18854-DB]


HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN

BENCH AT JAIPUR


D.B. Criminal Leave To Appeal No. 31/2025


State of Rajasthan, Through P.P.

----Appellant

Versus

1. Pintu S/o Shri Munesh, Aged About 31 Years, R/o

Mathvanshi (Machet), Police Station Sadar, Karauli,

District Karauli (Rajasthan).

2. Hemlata W/o Late Shri Bhaironsingh, Aged About 33

Years, R/o Umreh, Police Station Sadar, Baadi, District

Dholpur (Rajasthan).

----Accused-Respondents


For Appellant(s) : Mr. Naresh Kumar Gupta, Dy. GA with

Ms. Neha Goyal

For Respondent(s) : Ms. Pooja Meena, Adv. For

Mr. Rajneesh Gupta, Adv.


HON'BLE MR. JUSTICE INDERJEET SINGH

HON'BLE MR. JUSTICE BHUWAN GOYAL

Judgment

1. Date of conclusion of arguments : 04/05/2026

2. Date on which the judgment was reserved : 04/05/2026

3. Whether the full judgment or only the Full judgment

operative part is pronounced :

4. Date of pronouncement : 11/05/2026

(PER HON'BLE BHUWAN GOYAL, J.)

1. अपीलार्थी-राज्य सरकार द्वारा हस्तगत अपील अनुमति याचिका, अन्तर्गत धारा 419 (i)(iii) बी.एन.एस.एस. के तहत विद्वान विचारण न्यायालय- सैशन न्यायाधीश, करौली (राजस्थान) के द्वारा सैशन प्रकरण संख्या 35/2021, (सी.आई.एस. नंबर 35/2021), उनवानी प्रकरण सरकार बनाम पिन्टू वगैरह में पारित निर्णय दिनांक 11-03-2024,

2. प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि परिवादी बच्चूसिंह (गवाह पी.डी.-1) द्वारा दिनांक 25-12-2020 को पुलिस थाना मासलपुर, जिला करौली में एक तहरीरी रिपोर्ट (प्रदर्शन पी.-1) इस आशय की प्रस्तुत की गई कि उसका बड़ा भाई भैरोसिंह उर्फ बनवारी मीना दिनांक 23-12-2020 को शाम को कैलादेवी, अपनी पत्नी हेमलता मीना जो सरकारी अस्पताल में नर्स है, के पास गया था। वहाँ उसकी भाभी ने बताया कि भैरोसिंह को पप्पू मीना, श्रीकिशन मीना, भूरा उर्फ लालसिंह, कल्याण, चन्टे उर्फ नारायणसिंह, गुमान, जत्तू एवं जित्तू उठाकर ले गये हैं और उन लोगों ने उसका मर्डर कर दिया और लाश को नारायणा पुलिया के पास पटक गये.........इत्यादि।

3. उक्त तहरीरी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना मासलपुर, जिला करौली द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 298/2020, अंतर्गत धारा 143, 365, 302 भा.द.सं. में दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। बाद अनुसंधान अभियुक्तगण पिन्टू एवं हेमलता के विरुद्ध अंतर्गत धारा 302, 201, 34, भारतीय दंड संहिता में आरोप पत्र न्यायालय अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट करौली, राजस्थान के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिस पर विचारण न्यायालय द्वारा प्रसंज्ञान लिया जाकर प्रकरण दर्ज रजिस्टर किया गया, जिस पर मामला सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय होने से उसे सुनवाई हेतु विद्वान विचारण न्यायालय सैशन न्यायाधीश, करौली (राजस्थान) को कमिट किया गया।

4. विद्वान विचारण न्यायालय द्वारा बहस चार्ज सुनी जाकर अभियुक्तगण पिन्टू एवं हेमलता को अंतर्गत धारा 302/34, 201 भादस में दंडनीय अपराधों के आरोप पृथक-पृथक विचारित कर सुनाए और समझाए तो अभियुक्तगण द्वारा आरोप अस्वीकार कर अन्वीक्षा चाहने पर अभियोजन पक्ष की ओर से मौखिक साक्ष्य में गवाहान पी.डी.-1 लगायत पी.डी.-20 के बयान लेखबद्ध करवाये गये एवं मौखिक साक्ष्य के समर्थन में दस्तावेज प्रदर्शन पी-1 लगायत प्रदर्शन पी-103 पेश कर प्रदर्शित करवाये गये।

5. अभियुक्तगण को अंतर्गत धारा 313 द.प्र.सं. के तहत परीक्षित किए जाने पर प्रत्यर्थी-अभियुक्त पिन्टू ने उसका निर्दोष होना एवं उसे झूठा फंसाना, उसकी गाड़ी से पुलिस द्वारा लाश को अस्पताल मुर्दाघर पहुंचाना, उसका कोई लेना-देना नहीं होना एवं प्रत्यर्थी-आरोपिया हेमलता ने उसके पास उसके पति का आना एवं जयपुर जाने का बोल कर चला जाना, फिर पति का फोन नहीं मिलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट कैला देवी थाने पर दर्ज करवाना कथन किया गया एवं साक्ष्य सफाई में मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहा किन्तु मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर, दस्तावेजी साक्ष्य में दस्तावेज प्रदर्शन डी.-1 लगायत प्रदर्शन डी.-4 को पेश कर प्रदर्शित करवाये गये।

6. विद्वान विचारण न्यायालय द्वारा तत्पश्चात उभयपक्षों को सुना जाकर आलोच्य निर्णय दिनांक 11-03-2024 द्वारा प्रत्यर्थीगण-अभियुक्तगण पिन्टू व हेमलता को अपराध अंतर्गत धारा 302, 201, सपठित धारा 34, भादस के आरोपों से संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया गया, जिससे व्यथित होकर हस्तगत अपील, अपीलार्थी-राज्य सरकार द्वारा प्रत्यर्थीगण-अभियुक्तगण को उनके विरुद्ध आरोपित अपराधों में दोषसिद्ध कर दंडित हेतु प्रस्तुत की गई है।

7. विद्वान लोक अभियोजक का दौरान बहस यह कथन है कि पत्रावली पर प्रस्तुत साक्ष्य से, प्रत्यर्थीगण-अभियुक्तगण द्वारा मृतक भैरोसिंह उर्फ बनवारी को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर शराब पिलाना एवं उसका गला चुन्नी से दबाकर उसकी हत्या करना, हत्या उपरांत उसके शव को मासलपुर के जंगल में, उसके मोबाइल को भद्रावती नदी में एवं स्टोल(चुन्नी), शराब के पब्बे, बेहोशी की गोली के रैपर को गली में फेंककर, हत्या की साक्ष्य का विलोपन करना पूर्णतया प्रमाणित हुआ है, किन्तु विद्वान विचारण न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य का सूक्ष्मता एवं गहनता से अवलोकन किए बिना ही आलोच्य आदेश दिनांक 11-03-2024 पारित किया है, वो विधिसम्मत नहीं है।

8. विद्वान अधिवक्ता प्रत्यर्थीगण-अभियुक्तगण का कथन रहा है कि विद्वान विचारण न्यायालय के आलोच्य आदेश दिनांक 11-03-2024 में किसी प्रकार की कोई वि

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