RAILWAY CLAIM TRIBUNAL - LUCKNOW
SMT GEETA DEVI & OTHERS – Appellant
Versus
GM – Respondent
OA (II u)/LKO/325/2019
रेल दावा अधधकरण, लखनऊ पीठ, लखनऊ वाद सं्ቅा : ओ. ए. / II / U / LKO / 325 / 2019 पीठासीन: ्ायमूधति ्ቦी ब्ሴू लाल, माननीय सद्ቧ (्ाय), रेल दावा अधधकरण, लखनऊ।
्ቦीमती अर्िना ्ቦीवा्ቜव, माननीय सद्ቧ (तकनीकी) रेल दावा अधधकरण लखनऊ।
सं्ቝन की तिति : 05.07.2019 तनर्णय की तिति : 22.08.2025
1. ्ቦीमिी गीिा देवी प्ቌी ्ऽ0 हनुमान
2. ्ቦीमिी विी प्ቌी ्ऽ0 महंगु
3. कु मारी चााँदनी अवय्ቍ पु्ቔी ्ऽ0 हनुमान उ् लगभग 10 वर्ण 4. कु मारी रोशनी अवय्ቍ पु्ቔी ्ऽ0 हनुमान उ् लगभग 07 वर्ण
5. मा्िर नौवेश अवय्ቍ पु्ቔ ्ऽ0 हनुमान उ् लगभग 05 वर्ण (याची सं्ቅा 03 से 05 अवय्ቍ ििा मािा ्ቦीमिी गीिा देवी के संर्ቌर् में)
तनवासीगर् ्ቇाम देवकली पो्ि दीवरा िाना कालपी
तजला जालौन (उ0 ्ऺ0) .................................. याचीगर्
बनाम भारत संघ ्ቛारा महा्ቚबंधक, उ्ቈर म्ቖ रेलवे
इलाहाबाद। ...............................उ्ቈरदािा
दावा राधि : रु 08,00,000 /- मय ्ቛाज उप्ऽिती : ्ቦी डी.एन.दुबे, अतिव्ሹा, याचीगर् की ओर से।
्ቦी एस.के .त्ቔपाठी, अतिव्ሹा, उ्ቈरदािा की ओर से।
धनणिय ्ायमूधति ्ቦी ब्ሴू लाल, माननीय सद्ቧ (्ाय)
1. याचीगर् गीिा देवी व अ् ने यह यातचका रेल दावा अतिकरर् अतितनयम, 1987 की िारा - 16 के अंिगणि तदनांक 15.01.2019 को घतिि अपने पति हनुमान की रेल दुघणिना में मृ्ቓु हो जाने के पररर्ाम्ऽरूप, उन पर अपनी आत्ቦििा के आिार पर भारि संघ ्ቛारा महा्ऺबंिक, उ्ቈर म्ቖ रेलवे, इलाहाबाद के तवरु्ቍ ्ቌतिपूतिण की याचना के साि ्ऺ़्ुि की है। याचीगर् के अतभकिन के अनुसार मृिक ने तदनांक 13.01.2019 को बीकानेर से झााँसी जं की या्ቔा त्ቛिीय ्ቦेर्ी का तिकि खरीदकर आरंभ की उसके प्ቐाि तदनांक 14.01.2019 को झााँसी जं0 से कालपी ्िेशन िक की या्ቔा त्ቛिीय ्ቦेर्ी का तिकि खरीदकर झााँसी लखनऊ इंिरतसिी िरेन से आरंभ की। जब उ्ሹ िरेन तदनांक 15.01.2019 को कालपी और चौरा रेलवे ्िेशन अंिगणि तजला कानपुर देहाि के म्ቖ चल रही िी िभी मृिक िरेन में झिका लगने के कारर् अचानक दुघणिनावश चलिी िरेन से नीचे तगर गया तजसके फल्ऽरूप वह गंभीर रूप से घायल हो गया, और मौके पर ही उसकी मृ्ቓु हो गयी। उसका बीकानेर से झााँसी जं के तलए त्ቛिीय ्ቦेर्ी या्ቔा तिकि नं - L-52549740 तदनांतकि 13.01.2019 व झााँसी जं0 से कालपी के तलए त्ቛिीय ्ቦेर्ी या्ቔा तिकि नं - UCC-26142741 तदनांतकि 14.01.2019 मृिक के पास से दुघणिना के प्ቐाि जामािलाशी के दौरान lya Xu बरामद हुआ ििा तजनमें से बीकानेर से झााँसी जं तिकि की छाया्ऺति यातचका के साि है। उ्ሹ दोनो ंतिकिो ंका उ्लेख पंचायिनामा में भी है।
2. उ्ቈरदािा की ओर से तलखखि उ्ቈर ्ऺ़्ुि करिे हुए, याचीगर् के उपरो्ሹ अतभकिन से पूर्णिः
iz’uxr इनकार तकया गया है और यातचका का इस आिार पर तवरोि तकया गया है तक मृिक न िो
iz’uxr रेलगाडी से या्ቔा कर रहा िा और न ही मृिक िरेन से तगरा। अिः यह घिना रेल अतितनयम 1989 तक िारा 123(सी) (2) सपतठि िारा 124 ए की पररति में नही ंआिी एवं ्ऺतिवादी रेल अतितनयम, 1989 की
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िारा 124 ए से संरत्ቌि है। िदनुसार दावा यातचका खाररज तकए जाने यो्ቆ है।
वाद धबन्दु
3. प्ቌकारो ं के अतभवचनो ं के आिार पर इस यातचका के तनर्णय के तलए तदनांक 01.07.2021 को
तन्ቖतलखखि वादतबन्दु बनाए गए :
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1.Whether the deceased was a bonafide passenger of the train in question?
2.Whether incident of death of the deceased falls under the ambit of an untoward incident as defined u/s 123 (c) (2) read section 124-A of Rlys.
Act, 1989?
3.Whether the applicants are the only dependents of the deceased?
4.To what relief?
4. याचीगर् ्ቛारा अपने अतभकिन के समिणन में ्ऽयं गीिा देवी (मृिक की प्ቌी) का शपि प्ቔ AW1 के रूप में ्ऺ़्ुि तकया गया है। उनका ्ऺतिपरी्ቌर् तदनांक 31.03.2022 को ्ऺतिवादी प्ቌ ्ቛारा
तकया गया। ्ऺलेखीय साኚ᭻ के रूप में याचीगर् की ओर से या्ቔा तिकि की छाया्ऺति (्ऺदशण सं्ቅा ए - 1), ्िेशन मा्िर मेमो (्ऺदशण सं्ቅा ए - 2), जी.डी.ररपोिण (्ऺदशण सं्ቅा ए - 2/2), पंचायिनामा (्ऺदशण सं्ቅा ए/3), पो्िमािणम ररपोिण (्ऺदशण सं्ቅा ए/4), िाना ्ऺभारी भोगनीपुर को तलखखि िहरीर की ्ऺति (्ऺदशण सं्ቅा ए/5), आिार काडण की छाया्ऺतियां (्ऺदशण सं्ቅा ए/6), बैंक पासबुक की छाया्ऺतियां (्ऺदशण सं्ቅा ए/7), राशन काडण की छाया्ऺति (्ऺदशण सं्ቅा ए/8)व ्ቇाम ्ऺिान ्ቛारा तनगणि पररवार सद्ቧ ्ऺमार् प्ቔ (्ऺदशण सं्ቅा ए/9) ्ऺ़्ुि तकया गया है।
5. उ्ቈरदािा की ओर से अपने अतभकिन के समिणन में अपर म्ቄल रेल ्ऺब्क, झााँसी की ओर से
वैिातनक तववेचना आ्ቅा की ्ऺति ्ऺ़्ुि की गयी है अ् कोई मौखखक साኚ᭻ ्ऺ़्ुि नही ंतकया गया।
6. प्ቌकारो ं के तव्ቛान अतिव्ሹागर् की बहस सुनी गयी एवं प्ቔावली पर उपल्ቓ साኚ᭻ो ं का सकक पररशीलन तकया गया ।
धवधन्ቐय वाद धबन्दु सं्ቅा
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01
7. या
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