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2025 Supreme(Online)(SCDRC) 5191

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Naiminath Homeopathic Medical Collage – Appellant
Versus
Anshul Upadhyaya And Others – Respondent
SC/9/A/258/2022



Petitioner Advocates:Isar Husain ANd Abul Qasim Zaidi ,Respondent Advocate: Anil Kumar Mishra, V.P. Sharma, Satyendra Singh

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION UTTAR PRADESH FIRST APPEAL NO. SC/9/A/258/2022 null Naiminath Homeopathic Medical Collage PRESENT ADDRESS - N.H. 2 Nawal Pur Kuberpur Etmadpur Dist. AgraNCDRC,UTTAR PRADESH.

.......Appellant(s)

Versus Anshul Upadhyaya And Others PRESENT ADDRESS - D/o Sri Santosh Upadhyaya R/o Sri Nagar Thana Pachokhra Tundla Dist.

FirozabadNCDRC,UTTAR PRADESH.

.......Respondent(s)

BEFORE:

HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR , OFFICIATING PRESIDENT HON'BLE MR. VIKAS SAXENA , JUDICIAL MEMBER FOR THE APPELLANT:

Naiminath Homeopathic Medical Collage, In-Person FOR THE RESPONDENT:

Anshul Upadhyaya And Others, In-Person DATED: INVALID DATETIME

ORDER

( )

सुरक्षित , , राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उ0प्र0 लखनऊ।

/2022 अपील संख्या-258 , नैमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कालेज हास्पिटल एंड रिसर्च सेन्टर एन. ण्च.-2 नवलपुर कुबेरपुर एत्मादपुर जिला

आगरा द्धारा प्राचार्य।

बनाम अंशुल उपाध्याय पुत्र श्री संतोष उपाध्याय निवासी श्री नगर थाना पचकोरा टुंडला जिला-फिरोजाबाद व 05 अन्य।

–

समक्ष

1. , माननीय श्री सुशील कुमार कार्यकारी अध्यक्ष

2. , माननीय श्री विकास सक्सेना सदस्य उपस्थिति:-

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित विद्धान अधिवक्ता:श्री इशार हुसैन प्रत्यर्थीगण की ओर से उपस्थित अधिवक्ता : श्री अनिल कुमार मिश्रा

दिनांक :27.03.2025 , माननीय श्री विकास सक्सेना सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय

99/2020 परिवाद संख्या- अंशुल उपाध्याय बनाम नेमीनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कालेज व 03 अन्य में , जिला उपभोक्ता आयोग फिरोजाबाद द्धारा पारित निर्णय और आदेश दिनांक 05.01.2022 के विरूद्ध प्रस्तुत अपील उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत इस न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत की गई है।

परिवाद के तथ्यों के अनुसार परिवादी ने सत्र 2017-18 के लिये नीट परीक्षा दी थी जिनमें सफलता न मिलने के कारण उसने विपक्षी सख्या 01 से सम्पर्क किया और उन्होने मैनेजमेन्ट कोटा से उसको प्रवेश देना काउंसिलिंग के माध्यम से स्वीकार करते हुये रू0 50000/- काउसिंलिग फीस जमा करायी जिसका परिवादिनी ने ड्राफट नम्बर 707700 दिनांकित 10.07.2017 नेमिनाथ होम्योपैथिक कालेज आगरा विपक्षी सख्या 01 के हक में बनवा कर दिया। डा० भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से विपक्षी संख्या 01 मान्यता प्राप्त है और विपक्षी संख्या 02 और 03 उपरोक्त की परीक्षा सम्पन्न कराते हैं। जो विद्यार्थी सी०पी०ए०टी० यू०पी० के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रवेश नहीं पा सकते हैं उनको मैनेजमेन्ट कोटे से विपक्षी सख्या 01 प्रवेश देते

है।

विपक्षी संख्या-01 को 61 विद्यार्थी एवं 01 स्थानान्तरित विद्यार्थी कुल 62 विद्यार्थी मिले। 40 विद्यार्थियों को 29.11.2017 को प्रवेश दिया गया। दिनांक 01.06.2018 को परिवादिनी को सन्देश दिया कि जो विद्यार्थी कालेज स्तर पर प्रवेश ले रहे है उनका प्रवेश कन्फर्म हो गया है आप अपने फीस जमा करें। परिवादिनी ने रू0 190000/- डी0 डी0 सं0 707941 दिनाक 21.06.2018 विपक्षी संख्या-01 के यहां जमा कर दिया और शेष रू0 16945/-दिनांक 10.07.2018 को कालेज के काउन्टर पर जमा कराये। विपक्षी संख्या-02 व 03 के द्वारा 06.10.2018 को परीक्षा सम्पन्न करायी गयी लेकिन परिवादिनी सहित 25 विद्यार्थियों को परीक्षा फार्म , परीक्षा में शामिल होने के लिये नहीं भरवाया गया परिवादिनी ने तुरन्त विपक्षी 02 व 03 से सम्पर्क किया जिसके

परिणाम स्वरूप विपक्षी संख्या 01 ने परिवादिनी सहित 25 विद्यार्थियों को मैसेज भेजा सभी स्टूडेन्ट तैयार रहें 28 से 30 में कभी भी कालेज में फार्म साइन करने के लिए बुलाया जा सकता है. नेक्स्ट सूचना इसी ग्रुप पर आयेगी थैंक्स। लेकिन परिवादिनी सहित अन्य 24 यानी 25 विद्यार्थियों को परीक्षा फार्म उपलब्ध नहीं करवाया गया। उपरोक्त के उपरान्त परिणादिनी कई बार अपने द्वारा प्रवेश हेतु दिये गये 208945/- रूपये लौटाने के लिये मिली लेकिन विपक्षी संख्या 01 ने उपरोक्त धनराशि वापस नहीं की। इसलिये विपक्षी संख्या 01 कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत अन्डर धारा 2 (11) सेवाओं में कमी की परिधि में आते हैं और विपक्षी संख्या 02 व 03 ने भी कर्तव्य निर्वहन न कर सेवाये उपलब्ध नहीं करायी। जिससे क्षुब्ध होकर परिवादीगण ने यह परिवाद प्रस्तुत किया है।

विपक्षीगण द्धारा प्रतिवाद पत्र न योजित करने पर परिवाद एकपक्षीय अग्रसारित किया गया।

जिला आयोग द्धारा उभय पक्ष के साक्ष्य एवं अभिवचनों के आधार पर निम्न आदेश पारित किया :-

''

परिवादिनी का परिवाद एकपक्षीय आंशिक रूप से विपक्षी संख्या-01 के विरूद्ध स्वीकार किया जाता है।

विपक्षी संख्या-01 को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादिनी को रू0 256945/-देय तिथि से वास्तविक

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