2025 Supreme(Online)(SCDRC) 31964
STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
SHRI NIWASH BHARATI – Appellant
Versus
SHRI RAM GENRAL INSURANCE COMPANY LIMITED C/o. General manager – Respondent
SC/9/FA/1519/2025
STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION UTTAR PRADESH FIRST APPEAL NO. SC/9/FA/1519/2025 (Against the Order dated 28th July 2023 in Complaint DC/126/CC/99/2014 of the District Consumer Disputes Redressal Commission Ballia)
SHRI NIWASH BHARATI PRESENT ADDRESS - GRAM POST SHRIPUR TAKERSAN DISTRICT BALLIABALLIA,UTTAR PRADESH.
.......Appellant(s)
Versus SHRI RAM GENRAL INSURANCE COMPANY LIMITED C/o. General manager PRESENT ADDRESS - OFFICE E-8,E P.I.R.I.I.C.O. INDURSTRIES ARIEA SITAPUR DISTRICT JAUNPURBALLIA,UTTAR PRADESH.
SHRIRAM SENERAL INSURANCE COMPANY LTD Through its authorized officer BUSINESS ADDRESS - BRANCH OFFICE MISHRA LAWN BAHADURPUR BALLIA BALLIA,UTTAR PRADESH.
.......Respondent(s)
BEFORE:
HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT HON'BLE MRS. SUDHA UPADHYAY , MEMBER FOR THE APPELLANT: SHRI NIWASH BHARATI FOR THE RESPONDENT:
SHRI RAM GENRAL INSURANCE COMPANY LIMITED C/o. General managerSHRIRAM SENERAL INSURANCE COMPANY LTD Through its authorized officer DATED: 29/10/2025
ORDER
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ (
मौखिक)
अपील संख्या-1519/2025 (
जिला उपभोक्ता आयोग, बलिया द्वारा परिवाद संख्या 99/2014 में पारित आदेश दिनांक 28.07.2023 के
विरूद्ध)
Shri Niwas Bharti son of Jawahar Lal Bharti, Resident of Shripur Takarson, Takersan, Ballia, Uttar Pradesh, 277001 .................................
अपीलार्थी/परिवादी
बनाम
1.
Shriram General Insurance Company Ltd. Corporate Office- E-8, EPIP, RIICO Industrial Area, Sitapura, Jaipur, Rajasthan-302022, Through General Manager.
2. Shriram General Insurance Company Ltd., Branch Office- Mishra Lawn, Bahadurpur, Ballia.
.................................
प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण समक्ष:-
1. , माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष।
2. , माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय सदस्य। , अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री अंकित शुक्ला
योग्य अधिवक्ता।
प्रत्यर्थीगण की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक: 29.10.2025 माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय, सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
1.
प्रस्तुत अपील, अपीलार्थी द्वारा विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, बलिया द्वारा परिवाद संख्या-99/
2014 श्रीनिवास भारती बनाम श्रीराम जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड व अन्य में पारित आलोच्य आदेश दिनाकं ित 28.07.2023 के विरूद्ध योजित की गई है, जिसके द्वारा परिवाद, परिवादी की अनुपस्थिति के कारण निरस्त कर दिया गया है।
2.
चूँकि आलोच्य आदेश दिनांक 28.07.2023 के माध्यम से विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा परिवाद परिवादी की अनुपस्थिति में निरस्त किया गया है। अत: आलोच्य आदेश के आलोक में अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता श्री अंकित शुक्ला के तर्कों को अंगीकरण के बिन्दु पर सुना गया तथा आलोच्य आदेश व पत्रावली का अवलोकन किया गया।
3.
प्रस्तावित आदेश के आलोक में प्रत्यर्थीगण को नोटिस नहीं निर्गत किया जा रहा है।
4.
अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता का तर्क है कि प्रश्नगत परिवाद, परिवादी की
अनुपस्थिति के कारण निरस्त करने का आदेश पारित किया गया है, जो अविधिक है तथा उक्त आदेश के स्थिर रहने से अपीलार्थी सारवान न्याय पाने से वंचित हो जाएगा।
5.
अत: प्रकरण के उपरोक्त वर्णित तथ्यों एवं परिस्थितियों के आलोक में तथा इसके गुणदोष पर कोई मत व्यक्त किए बिना मात्र इस आशय से कि तकनीकी कारणों से यथासम्भव पक्षकारों को सुनवाई के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, पीठ का यह सुविचारित मत है कि अपीलार्थी/परिवादी को इस आशय से एक अंतिम , अवसर प्रदान किया जाए कि वह विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष आवश्यक पैरवी कर सकें जिससे
2014 विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा परिवाद संख्या-99/ का निस्तारण गुणदोष के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके। पारिणामिक रूप से आलोच्य आदेश दिनांकित 28.07.2023 अपास्त किए जाने
योग्य है तथा प्रस्तुत अपील स्वीकार किए जाने योग्य है।
आदेश
6.
प्रस्तुत अपील स्वीकार की जाती है। विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, बलिया द्वारा परिवाद संख्या-99/
2014 श्रीनिवास भारती बनाम -3-
श्रीराम जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड व अन्य में पारित आलोच्य आदेश दिनांकित 28.07.2023 अ पास्त किया जाता है तथा यह प्रकरण विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, बलिया को इस निर्देश के साथ प्रतिप्रेषित किया जाता है कि वे उपरोक्त परिवाद को पुन: अपने मूल नम्बर पर पुनर्स्थापित करें तथा उभय पक्ष को साक्ष्य एवं सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए परिवाद का गुणदोष के आधार पर शीघ्रातिशीघ्र निस्तारण करना स