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2026 Supreme(Online)(SCDRC) 618

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Dr. Vandana Pandey – Appellant
Versus
R.P. Srivastava & Others – Respondent
SC/9/A/1817/2023



Petitioner Advocates:Sankalp Mehrotra ,Respondent Advocate: Vivek Kumar Pandey, Anchal Mishra

##PAGE1##

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION

UTTAR PRADESH

FIRST APPEAL NO. SC/9/A/1817/2023

Dr. Vandana Pandey

PRESENT ADDRESS - 87, Naya Bairhana, Near Sundaram Guest House, Prayagraj,UTTAR

PRADESH.

.......Appellant(s)

Versus

R.P. Srivastava & Others

PRESENT ADDRESS - R/O 108, Guru Nanak Nagar, Naini Allhabad,UTTAR PRADESH.

.......Respondent(s)

BEFORE:

HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT

HON'BLE MRS. SUDHA UPADHYAY , MEMBER

FOR THE APPELLANT:

Dr. Vandana Pandey

FOR THE RESPONDENT:

R.P. Srivastava & Others

DATED: 28/01/2026

ORDER

राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ

(

सुरक्षित)

अपील संख्या-1817/2023

(

जिला उपभोक्ता आयोग, प्रयागराज द्वारा परिवाद संख्या 56/2010 में पारित आदेश दिनांक 14.09.2023

के विरूद्ध)

Dr. Vandana Pandey

W/o Dr. Rajesh Pandey,

87, Naya Bairhana,

Near Sundaram Guest House

Prayagraj.

##PAGE2##

........................

अपीलार्थी/विपक्षी सं01

बनाम

1. Mr. R.P. Srivastava

R/o 108, Guru Nanak Nagar,

Naini, Allahabad.

2. Mr. Saouraj Sinha

Husband of Late Sushma Srivastava,

R/o E-474, Phase-1, Ashok Bihar Colony,

Varanasi.

3. United India Assurance Company Ltd.,

Through its manager,

Situated at- 5A, Sardar Patel Marg,

Civil Lines, Allahabad.

.......... ,2

प्रत्यर्थीगण/परिवादी सं01 व विपक्षी सं02

समक्ष:-

1. ,

माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष।

2. ,

माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय सदस्य।

,

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री संकल्प मेहरोत्रा

योग्य अधिवक्ता।

,

प्रत्यर्थी सं01 व 2 की ओर से उपस्थित : श्री विवेक कुमार पाण्डेय

योग्य अधिवक्ता।

,

प्रत्यर्थी सं03 की ओर से उपस्थित : श्री अंचल मिश्रा

योग्य अधिवक्ता।

दिनांक: 28.01.2026

##PAGE3##

माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय

1. ,

प्रस्तुत अपील अपीलार्थी द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग

-2-

प्रयागराज द्वारा परिवाद संख्या-56/2010 आर0पी0 श्रीवास्तव व एक अन्य बनाम डा0 वन्दना पाण्डेय व

एक अन्य में पारित आलोच्य निर्णय एवं आदेश दिनांक 14.09.2023 से क्षुब्ध होकर योजित की गयी है।

2.

संक्षेप में सुसंगत तथ्य इस प्रकार हैं कि परिवादी संख्या-1 स्व0 सुषमा श्रीवास्तव के पिता हैं तथा

परिवादी संख्या-2 स्व0 सुषमा श्रीवास्तव के पति हैं। परिवादीगण ने श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव को प्रसव हेतु

विपक्षी संख्या-1 डा0 वन्दना पाण्डेय की क्लीनिक में दिनांक 07.12.2009 को प्रात: 9.00 बजे स्वस्थ

अवस्था में भर्ती किया। परिवादी द्वारा विपक्षी को 8000/-रू0 दिए गए थे। परिवादीगण एवं उसके परिवार को

किसी भी तरह की कोर्इ शंका नहीं बतायी गयी तथा लगभग चार बजे आपरेशन थियेटर में श्रीमती सुषमा

,

श्रीवास्तव को ले जाया गया। आपरेशन द्वारा एक मेल चाइल्ड पैदा हुआ किन्तु जच्चा-

,

बच्चा को बाहर नहीं निकाला गया। परिवादीगण के परिवार वाले इन्तजार करते रहे किन्तु विपक्षी संख्या-1 ने

जच्चा-बच्चा दोनों के दर्शन नहीं कराए तथा परिवादीगण को बुलाया तथा अपनी कार में डा0 वन्दना पाण्डेय ने

अपने दो नौकरों के साथ बिना कुछ बताए जीवन ज्योति अस्पताल भेजवा दिया। जीवन ज्योति अस्पताल में डा0

त्रिपाठी द्वारा मुआयना किया गया तथा बताया गया कि बच्चे की मॉं की मृत्यु लगभग डेढ़ घण्टे पहले हो चुकी है

तथा डा0 वन्दना पाण्डेय ने मृत शरीर को जीवन ज्योति अस्पताल में दिखाया। विपक्षी संख्या-1 ने स्वयं को

,

बचाने के लिए परिवादी एवं उसकी पुत्री को जीवन ज्योति अस्पताल में भेजा था जबकि परिवादी की पुत्री की

मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। परिवादी वापस जीवन ज्योति अस्पताल में पहुँचे तो परिवादी की पुत्री का बच्चा तो

,

था किन्तु डा0 वन्दना पाण्डेय वहॉं से भाग चुकी थीं तथा सारे पर्चे भी लेकर जा चुकी थीं। परिवादी ने उसी

दिन रात को पौने 10 बजे नैनी थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया तथा तहसीलदार करछना की निगरानी

08.12.2009

में पंचनामा भी कराया गया। परिवादी की पुत्री का शव विच्छेदन दिनांक को

-3-

एस0आर0एन0 हास्पिटल इलाहाबाद में तीन डाक्टरों के बोर्ड के पैनल द्वारा किया गया तथा शव विच्छेदन

आख्या के अनुसार मृत्यु का कारण हेमरेज था अर्थात् मृतका के शरीर से आपरेशन के दौरान अत्यधिक खून

,

निकल गया था। परिवादी की पुत्री को ब्लीडिंग हो रही थी किन्तु उन्हें खून नहीं चढ़ाया गया क्योंकि वहॉं पर

,

उसकी कोई व्यवस्था नहीं थी। डा0 वन्दना पाण्डेय सिर्फ एम0बी0बी0एस0 हैं जिन्हें सर्जरी का कोई अनुभव

नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने परिवादी की पुत्री का आपरेशन किया तथा रक्तस्राव से परिवादी की पुत्री की

मृत्यु हो गयी। अत: क्षुब्ध होकर परिवादीगण द्वारा विपक्षीगण के विरूद्ध जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष

परिवाद

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