2025 Supreme(Online)(SCDRC) 37785
STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
UNITED INDIA INSURANCE COMPANY LIMITED Through its MANAGER – Appellant
Versus
BABU LAL BATHAM S/o. LATE RADHESHAYAM BATHAM – Respondent
SC/9/FA/425/2025
STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION UTTAR PRADESH FIRST APPEAL NO. SC/9/FA/425/2025 (Against the Order dated 20th March 2023 in Complaint DC/186/CC/31/2022 of the District Consumer Disputes Redressal Commission Unnao)
UNITED INDIA INSURANCE COMPANY LIMITED Through its MANAGER PRESENT ADDRESS - REGIONAL OFFICE UNITED INDRA INSURANCE COMPANY LTD2ND FLOOR KAPOORTHALA BAGH COMPLEX ALIGANJ , LUCKNOW,UTTAR PRADESH.
BUSINESS ADDRESS - BOI FLOOR NO. 17/13 OMG ROAD KANPURKANPUR NAGAR,UTTAR PRADESH.
.......Appellant(s)
Versus BABU LAL BATHAM S/o. LATE RADHESHAYAM BATHAM PRESENT ADDRESS - HOUSE NO. 311/1, MOTINAGARSADAR , UNNAO,UTTAR PRADESH.
MANAGER OM AUTO MOBILES PVT. LTD.
PRESENT ADDRESS - MAHINDRA AND MAHINDRA AUTHORIZED DEALER , POST- DIHA, TEHSIL - UNNAO , IN FRONT OF ARTO OFFICE IN FRONT OF NIGAM PETROL PUMP LUCKNOW-KANPUR HIGHWA , UNNAO,UTTAR PRADESH.
.......Respondent(s)
BEFORE:
HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT HON'BLE MRS. SUDHA UPADHYAY , MEMBER FOR THE APPELLANT:
UNITED INDIA INSURANCE COMPANY LIMITED Through its MANAGER FOR THE RESPONDENT:
BABU LAL BATHAM S/o. LATE RADHESHAYAM BATHAMMANAGER OM AUTO MOBILES PVT. LTD. DATED: 30/07/2025
ORDER
(
मौखिक) , , राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उ०प्र० लखनऊ
425/2025 एससी/9/एफए/
United India Insurance Company Ltd. through its Manager, BOI Floor No. 17/13 OMG Road Kanpur, Presently through its Manager, Regional Office, United India Insurance Company Ltd. 2nd Floor Kapoorthala Bagh Complex, Aliganj, Lucknow .......Appellant Versus
1. Babu Lal Batham Son of Late Radheshayam Batham R/O 311/1, Motinagar, P.S.
Kotwali Sadar District Unnao.
2. Manager Om Auto Mobiles Pvt. Ltd. (Mahindra & Mahindra Authorized Dealer in front of RTO Office, in front of Nigam Petrol Pump Lucknow-Kanpur Highway P.S.
Kotwali Sadar Post Diha Tahsil & District Unnao.
........Respondent समक्ष:- , माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष , माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय सदस्य
30.07.2025 दिनांक मा० न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय
1.
अपीलकर्ता के पक्ष से योग्य अधिवक्ता श्री अंचल मिश्रा को सुना गया। प्रत्यर्थीगण को दिनांक , 16.05.2025 को कार्यालय द्वारा नोटिस भेजी गयी थी जिसकी रसीद पत्रावली पर चस्पा है। कार्यालय आख्या के अनुसार दिनांक 22.07.2025 को भेजी गयी नोटिस आज तक वापस प्राप्त नहीं हुई है। विहित समयावधि व्यतीत हो चुकी है तदनुसार प्रत्यर्थीगण पर नोटिस की तामीला पर्याप्त मानी जाती है।
2.
प्रत्यर्थीगण के पक्ष से न तो कोई उपस्थित है और न ही कोई विलम्ब मर्षित हेतु दिये गये आवेदन पत्र के विरूद्ध कोई आपत्ति ही प्रस्तुत किया गया है। अत: विलम्ब मर्षित हेतु दिये गये आवेदन पत्र का
निस्तारण तदनुसार किया जाना प्रस्तावित है।
विलम्ब क्षमा प्रार्थना पत्र का निस्तारण
3.
यह आवेदन अपीलार्थी द्धारा अपील को संस्थित करने में हुये विलम्ब को क्षमा करने के लिये प्रस्तुत किया गया है।
4. 31/2022 , मामले के सुसंगत तथ्य यह है कि परिवाद संख्या- का निर्णय/आदेश जिला उपभोक्ता आयोग उन्नाव द्धारा दिनांक 20.03.2023 को किया गया। अपीलकर्ता को दिनांक 13.04.2023 को निर्णय की निशुल्क प्रति प्राप्त हुई। अपीलार्थी के सुयोग्य अधिवक्ता द्वारा यह तर्क प्रस्तुत किया गया है कि प्रक्रियात्मक कठिनाइयों के कारण प्रस्तुत अपील विलम्ब से प्रस्तुत किया जा सका। अपीलार्थी के सुयोग्य अधिवक्ता द्वारा बलपूर्वक यह तर्क प्रस्तुत किया गया है कि प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण सारवान न्याय से किसी पक्षकार को वंचित किया जाना अनुचित है क्योंकि ऐसा किये जाने की दशा में पक्षकार प्रकरण के गुणदोष के आधार पर अपना पक्ष रखने से वंचित हो जायेंगे।
5.
अपीलार्थी के योग्य अधिवक्ता ने बलपूर्वक यह तर्क भी प्रस्तुत किया है कि प्रस्तुत अपील करने मे
कोई साशय विलम्ब नहीं कारित किया गया है ऐसे किसी विलम्ब से अपीलार्थी को लाभान्वित होने का भी कोई अवसर नहीं है अत: विलम्ब मर्षण हेतु दिया गया आवेदन पत्र न्यायहित में स्वीकार किये जाने योग्य है।
6.
अपीलार्थी द्वारा विलम्ब मर्षण हेतु दिया गया आवेदन पत्र शपथपत्र दिनांकित 27.12.2024 से
समर्थित है।
7.
अपीलार्थी के योग्य अधिवक्ता का यह भी तर्क है कि अपील प्रस्तुत करने में 583 दिन का विलम्ब है। यह विलम्ब जानबूझकर नहीं किया गया बल्कि परिस्थितिवश हो गया है जिसे क्षमा करते हुये विलम्ब मर्षित किया जाना न्यायोचित है।
8.
अपीलार्