STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Devendra Kachhwaha, President
Sachiv, Nagar Vikas Nyas, Jaisalmer – Appellant
Versus
Chhaganlal Mali – Respondent
Appeal Number – 32/2025
--:: निर्णय ::--
द्वारा :– माननीय न्यायाधिपति श्री देवेन्द्र कच्छावाहा, अध्यक्ष
1- अपीलार्थी की ओर से यह अपील अधीनस्थ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जैसलमेर (राज.) (जिसे निर्णय में आगे जिला उपभोक्ता आयोग के नाम से संबोधित किया जाएगा) द्वारा मूल परिवाद संख्या 191/2023 छगनलाल माली बनाम सचिव नगर विकास न्यास, जैसलमेर में पारित निर्णय दिनांक 24.07.2024 से व्यथित होकर प्रस्तुत की गई है। जिसके द्वारा प्रत्यर्थी/परिवादी का परिवाद स्वीकार किया जाकर निम्न आदेश पारित किया गया :–
फलतः परिवादी छगनलाल माली का परिवाद अप्रार्थी के विरुद्ध स्वीकार किया जाकर अप्रार्थी को आदेशित किया जाता है कि वह महाराणा प्रताप आवासीय योजना ट्रांसपोर्ट नगर, जैसलमेर में परिवादी को आवंटित आवासीय भूखण्ड संख्या 29 साईज 30 गुण 60 की बकाया राशि बिना ब्याज व पेनेल्टी जमा कर लीज डीड का निष्पादन करें एवं भूखण्ड संख्या 29 का कब्जा परिवादी को राशि जमा होने के 2 माह में देवे। यदि भूखण्ड संख्या 29 किन्हीं कारणों से आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं हो तो परिवादी को उसी कॉलोनी या अन्य समकक्ष कॉलोनी में उसी माप का भूखण्ड आवंटित कर कब्जा दिलावें। इसके साथ ही परिवादी को मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक परेशानी व परिवाद व्यय पेटे 5000/– रुपये भी अदा करें। आदेश की पालना 45 दिन में की जावे।
2- विचाराधीन मामले में प्रत्यर्थी/परिवादी ने परिवाद प्रस्तुत कर प्रकट किया कि, परिवादी ने अप्रार्थी की महाराणा प्रताप आवासीय योजना, ट्रांसपोर्ट नगर, जैसलमेर हेतु दिनांक 11.10.2017 को ऑनलाइन आवेदन भरा एवं आवेदन शुल्क 500/– रुपये व पंजीयन शुल्क 20,000/– रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया था। उक्त आवासीय योजना के भूखण्डों का आवंटन ऑनलाइन लॉटरी द्वारा दिनांक 27.02.2018 को किया गया, जिसमें परिवादी को भूखण्ड संख्या 29 साईज 30 गुण 60 क्षेत्रफल 200 वर्गगज का आवंटन किया गया। दिनांक 14.03.2018 को अप्रार्थी द्वारा परिवादी को उक्त भूखण्ड आवंटित होने की सूचना दी एवं पत्र में वर्णित दस्तावेज सात दिन में जमा कराने का कहा। जिस पर परिवादी ने उक्त पत्र की पालना में दिनांक 26.03.2018 को संपूर्ण दस्तावेज जमा करवाये तत्पश्चात बकाया राशि की मांग किये जाने का इंतजार करता रहा, लेकिन परिवादी को कोई मांगपत्र जारी नहीं किया गया। परिवादी ने अप्रार्थी से संपर्क कर मांगपत्र जारी करने का निवेदन किया परन्तु परिवादी को किसी प्रकार की भूखण्ड संबंधी कोई सूचना प्रदान नहीं की गई। परिवादी को अन्य आवंटियों को मांगपत्र जारी करने का पता चलने पर परिवादी द्वारा अप्रार्थी से जानकारी करने पर बताया कि परिवादी ने आय प्रमाणपत्र गलत दिया है क्योंकि उक्त भूखण्ड आय राशि 15,001/– रुपये से 30,000/– रुपये तक प्रतिमाह आय श्रेणी वालों को आवंटित किया जाना था जबकि परिवादी के आय प्रमाणपत्र में वार्षिक आय 1,80,000/– रुपये लिखी है, जिससे प्रतिमाह 15,000/– रुपये आय होती है। तब परिवादी द्वारा बताया गया कि उस समय परिवादी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था तथा उसके पुत्र द्वारा आय प्रमाण–पत्र में केवल कृषि से प्राप्त वार्षिक आय का उल्लेख किया गया है जबकि परिवादी को अन्य स्रोतों से प्राप्त आय का उल्लेख नहीं किया है जबकि परिवादी की वास्तविक वार्षिक आय 2,51,898/– रुपये है जिसके संबंध में परिवादी द्वारा सन् 2018–2019 का आयकर विवरणिका भी दाखिल किया गया है। इस संबंध में परिवादी ने अप्रार्थी के यहां निवेदन किया व प्रतिमाह आय 20,991/– रुपये होते हुए उसका आवेदन आय श्रेणी में आना बताया। बावजूद इसके अप्रार्थी द्वारा परिवादी को कोई डिमांड नोटिस जारी नहीं किया गया। परिवादी द्वारा दिनांक 13.01.2020 को भूखण्ड संबंधी पत्रावली की प्रतिलिपि मांगी गयी तब न्यास के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रतिलिपि देने से इंकार करते हुए कहा कि आपके भूखण्ड की पत्रावली बैठक में रखी गयी है इसलिए नहीं दी जा सकती। मार्च 2020 में कोरोना आने के कारण परिवादी न्यास नहीं जा सका। दिनांक 31.03.2022 को परिवादी द्वारा प्रथम बार भूखण्ड की प्रतिलिपि दी गयी तब जानकारी हुई कि दिनांक 10.06.2020 को न्यास की बैठक कार्यवाही, जो कि अमर शहीद सागरमल गोपा बहुउद्देशीय योजना के भूखण्डों के संबंध में थी, उसी कार्यवाही में महाराणा प्रताप आवासीय योजना का एक मात्र परिवादी का भूखण्ड खारिज किया गया। इस प्रकार अप्रार्थी द्वारा नियमों की अवहेलना कर बिना सूचना दिये उसका भूखण्ड खारिज किया गया है। अप्रार्थी के उक्त कृत्य को सेवा में त्रुटि बताते हुए परिवादी ने परिवाद में वर्णित अनुतोष दिलाये जाने की प्रार्थना की।
3- अपीलार्थी/अप्रार्थी की ओर से परिवाद जवाब पेश कर कथन किया गया कि अप्रार्थी द्वारा महाराणा प्रताप आवासीय योजना जैसलमेर में ऑनलाइन आवेदन
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