STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Urmila Verma, Judicial Member, Liyakat Ali, Member
Kuldeep Dadhich – Appellant
Versus
Mandal Rail Prabandhak – Respondent
Appeal Number 186 / 2022
| Table of Content |
|---|
| 1. burden of proof on complainant regarding alleged service deficiency. (Para 10 , 11) |
निर्णय
02. यह अपील अपीलार्थी/परिवादी कुलदीप दाधीच ने प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण श्रीमान् मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य के विरुद्ध विद्वान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जोधपुर द्वितीय, जोधपुर के द्वारा परिवाद प्रकरण संख्या 219/2015 (196/2014) बनवान "कुलदीप दाधीच बनाम मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य" में पारित आदेश दिनांक 01.06.2022 के विरुद्ध प्रस्तुत की है, जिसके द्वारा उन्होंने अपीलार्थी/परिवादी का परिवादपत्र खारिज कर दिया है। अपील प्रकरण से संबंधित परिवाद के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार से है कि परिवादी द्वारा दिनांक 11/01/2014 को अपनी माता के साथ दिल्ली से जोधपुर जाने वाली मण्डोर एक्सप्रेस की बोगी संख्या बी 2 में बर्थ नम्बर 20 व 21 पर यात्रा करने के दौरान बोगी का वातानुकूलित सिस्टम काम नहीं कर रहा था और भयंकर सर्दी में भी कोच के वातावरण को अधिक ठण्डा कर रहा था। परिवादी व अन्य यात्रियों के द्वारा कोच के अटेंडेन्ट योगेश्वर दान को तापमान नियंत्रित करने के लिए कहने के बावजूद कोच का वातावरण और अधिक ठण्डा होता रहा तथा परिवादी व उसकी माता को सर्दी के मौसम में भी अधिक ठण्ड की मार झेलनी पड़ी। परिवादी द्वारा टी.टी. को भी मौखिक रूप से शिकायत की गई। जयपुर में मैकेनिक ने आकर इसकी रिपेयरिंग होना संभव नहीं बताया। परिवादी व अन्य यात्रियों ने उन्हें अन्य कोच में शिफ्ट करने का निवेदन किया किन्तु कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इस प्रकार संयंत्र की खराबी के कारण अधिक सर्दी से यात्रा के दौरान परिवादी को खांसी, जुकाम व बुखार हो गया और कान में भयंकर दर्द होने की संभावना होने लगी किन्तु अटेंडेन्ट द्वारा कोई मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके बाद दिनांक 12/01/2014 को प्रातः जोधपुर पहुंचने पर परिवादी का शरीर ज्वर से तपने लगा और उसके गले व कान में अत्यधिक दर्द होने से स्टेशन से उसके पिताजी सीधे ही उसे डॉक्टर के पास इलाज हेतु फिजिशियन के पास ले गए। जिसने परिवादी को इ.एन.टी. विशेषज्ञ के पास ले जाने का कहा, जिस पर, परिवादी को डॉक्टर नीरजा व्यास के पास ले जाने पर उन्होंने जांच के पश्चात ठण्डे तापमान में रहने की वजह से यह तकलीफ होना बताते हुए सात दिन की आराम की सलाह व दवाईयां दी। इस प्रकार विपक्षीगण द्वारा कोच में खराबी को ठीक करने अथवा यात्रियों को अन्य कोच में शिफ्ट करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। परिवादी ने विपक्षीगण की सेवा में कमी व त्रुटि बताते हुए परिवाद में चाहे गये समस्त अनुतोष दिलाने की प्रार्थना की है।
03. प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण द्वारा जवाब प्रस्तुत कर कोच का वातानुकूलित सिस्टम खराब होने से इन्कार किया गया तथा कोच बी-2 का तापमान पूरी यात्रा के दौरान 19 से 21 डिग्री सेन्टीग्रेड के मध्य ही रहने का कथन किया गया। परिवादी द्वारा कोच के अटेंडेन्ट अथवा अन्य किसी कर्मचारी को मौखिक या लिखित शिकायत करने से भी इन्कार किया गया। यह कथन किया गया कि ट्रेन का वातानुकूलित कोच सिस्टम ऑटो मोड पर कार्य करता है। यदि कोच के अन्दर तापमान 19 डिग्री सेन्टीग्रेड से नीचे आता है तो हीटर स्वतः ही चालू हो जाता है। उक्त कोच का तापमान भी मानक के अनुसार था, ना ही किसी मैकेनिक को बुलाया गया था। किसी भी यात्री के बीमार हो जाने के बाबत मेडिकल सुविधा की मांग भी नहीं किया जाना बताया गया। इस प्रकार परिवाद निराधार बताते हुए विपक्षी की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं होने से खारिज किये जाने का निवेदन किया गया।
04. विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग ने उभयपक्ष को सुनने के पश्चात उनके अभिवचनों के आधार पर आलोच्य आदेश पारित किया, जिससे व्यथित होकर अपीलार्थी/परिवादी के द्वारा हस्तगत अपील प्रस्तुत की गयी है।
05. प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण की बहस सुनी गयी एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया।
06. विद्वान अधिवक्ता अपीलार्थी/परिवादी ने अपील प्रस्तुत कर निवेदन किया है कि वह दिनांक 11.01.2014 को अपनी माता के साथ दिल्ली से जोधपुर जाने वाली मण्डोर एक्सप्रेस की बोगी संख्या बी-2 में बर्थ नम्बर 20 व 21 पर यात्रा करने के दौरान बोगी का ए.सी. काम नहीं कर रहा है। भयंकर सर्दी में भी कोच के वातावरण को अधिक ठण्डा कर रहा है। कोच के अटेंडेन्ट योगेश्वरदान को तापमान नियंत्रित करने के लिए कहा फिर भी कोच का वातावरण अधिक ठण्डा होता रहा, उसकी माता को सर्दी के मौसम में भी अधिक ठण्ड की मार झेलनी पड़ी। अपीलार्थी/परिवादी के द्वारा टी.टी. से भी शिकायत की गयी। जयपुर में मैकेनिक ने आकर इसकी रिपेयरिंग संभव नहीं होना बताया, जिस पर अपीलार्थी/परिवादी व अन्य सह यात्रियों ने उन्हें अन्य कोच में शिफ्ट करने का निवेदन किया कि
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