STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
देवेन्द्र कच्छवाहा, President, उर्मिला वर्मा, Judicial Member
एम.डी./प्रबन्धक, रॉयल सुन्दरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड – Appellant
Versus
गोविन्द किशोर सोनी – Respondent
अपील संख्या 47/2025
निर्णय
यह अपील अपीलार्थी/विपक्षी संख्या 1 बीमा कंपनी की ओर से विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, नागौर के द्वारा परिवाद सं. 146/2023-गोविन्द किशोर सोनी बनाम एम.डी./प्रबन्धक, रॉयल सुन्दरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड एवं एक अन्य में पारित निर्णय दिनांक 19.02.2025 के विरुद्ध पेश की गई, जिसके द्वारा परिवादी का परिवाद बीमा कंपनी के विरुद्ध स्वीकार किया जाकर निम्नलिखित आदेश पारित किया गया:-
"अतः: परिवादी गोविन्द किशोर सोनी का परिवाद बनाम विप्राथीगण एम.डी./प्रबन्धक, रॉयल सुन्दरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, विशांती मेलाराम टॉवर्स नंबर 2/319, राजीव गाँधी सलाई (ओ.एम.आर.) करापक्कम, चेन्नई 600097, तमिलनाडु व अन्य मेंसे विप्राथी नंबर एक बीमा कंपनी के विरुद्ध स्वीकार कर आदेश दिया जाता है कि विप्राथी नंबर एक बीमा कंपनी एक माह के भीतर वाहन की टोटल क्षतिपूर्ति राशि रुपये 13,50,000/-रुपये (तेरह लाख पचास हजार रुपये) एवं सेवा दोष व अनुचित व्यापार व्यवहार से पहुंची आर्थिक हानि एवं शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के रुपये 50,000/-(पचास हजार रुपये) एवं परिवाद व्यय के रुपये 7,000/-(सात हजार रुपये) कुल 14,07,000/-रुपये (चौदह हजार सात : रुपये) जिस पर परिवाद पेश होने की तिथि 01.08.2023 से 09 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज सहित प्रार्थी को अदा कर दे एवं ऐसी अदायगी के दो माह बाद के भीतर प्रार्थी अपने वाहन का पंजीयन परिवहन विभाग से निरस्त कराकर प्रमाण पत्र विप्राथी नंबर एक को प्रस्तुत कर दे। विप्राथी नंबर-2 के विरुद्ध कोई सेवा दोष नहीं पाये जाने से कोई आदेश नहीं दिया जाता है।"
02- इस अपील से सम्बन्धित मामले के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार है कि, परिवादी अपने वाहन ट्रक नंबर आर जे 14/जीएच 0675 का पंजीकृत मालिक है, जिससे वह जीविकोपार्जन करता है तथा उक्त वाहन विपक्षी संख्या 2 से फाइनेंस सुविधा लेकर विपक्षी संख्या 1 से दिनांक 15.02.2022 से 14.02.2023 तक की अवधि के लिए बीमित करवाया, जिसका पॉलिसी नंबर 0793427000100 है। परिवादी का कथन रहा है कि बीमा अवधि के दौरान दिनांक 02.12.2022 को उक्त वाहन ब्रेक फेल हो जाने से असंतुलित होकर गड्ढे में गिर गया और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी प्रथम सूचना पुलिस थाना, महेश्वर जिला खरगौन, मध्यप्रदेश में दी गई और घटना की सूचना तुरन्त विपक्षीगण को दी गई, जिस पर उन्होंने वाहन का सर्वे करवाया तथा टोटल लॉस 15,00,000/-रुपये देने का आश्वासन दिया गया। परिवादी का कहना रहा कि विपक्षीगण द्वारा चाहे गये समस्त दस्तावेज उपलब्ध करवा दिये गये, परन्तु दिनांक 12.05.2023 के पत्र द्वारा बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन होना बताकर परिवादी का क्लेम खारिज कर दिया गया। परिवादी ने उक्त कृत्य को विपक्षीगण का सेवादोष एवं अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष परिवादपत्र प्रस्तुत कर विपक्षीगण से दावाकृत सम्पूर्ण राशि 15 लाख रुपये मय ब्याज, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति हेतु 50,000/-रुपये एवं परिवाद व्यय हेतु 50,000/-रुपये दिलाने की प्रार्थना की।
03- विपक्षी संख्या 1 बीमा कम्पनी ने जवाब-परिवाद प्रस्तुत कर वाहन का बीमित होना तथा दिनांक 02.12.2022 को उक्त वाहन मध्यप्रदेश राज्य में गणपति घाट के पास वाहन सावधानीपूर्वक व नियंत्रित गति से चलाये जाने के बावजूद तकनीकी खराबी के कारण ब्रेक फेल हो जाने से असंतुलित होकर गड्ढे में गिर जाना और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाना, प्रथम सूचना पुलिस थाना, महेश्वर जिला खरगौन, मध्यप्रदेश में दिया जाना विवादित नहीं माना, परन्तु घटना की जाँच में यह पाया गया कि वाहन का संचालन नियमों के विरुद्ध किये जाने से वाहन का संतुलन बिगड़ा और वाहन असंतुलित होकर गड्ढे में गिरने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दिनांक 04.01.2023 को इन्वेस्टीगेटर श्री एस.के. इन्वेस्टीगेशन ने विपक्षी के समक्ष जाँच रखी तथा दुर्घटना में घायल क्लिनर श्री महेश कुमार की मेडिकल रिपोर्ट, मेडिकल बिल आदि पेश किये। उक्त मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तथा दुर्घटना के बाद वाहन की स्थिति को देखते हुए जाँच एजेंसी के द्वारा यह तथ्य रखे गये कि वक्त दुर्घटना वाहन का संचालन क्लिनर महेश कुमार द्वारा किया जा रहा था, जिसके पास वैध लाइसेंस नहीं था।
04- उनका यह भी कथन रहा कि, वाहन की विस्तृत जाँच हेतु आनंद राठौड़ एण्ड एसोसिएट को नियुक्त किया गया, जिसने दिनांक 02.01.2023 व 16.01.2023 को सूचना-पत्र के जरिये वाहन मालिक को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु निवेदन किया, बावजूद इसके वाहन मालिक ने जाँच में सहयोग नहीं किया और विपक्षी द्वारा जाँच में क्लेम को सही नहीं पाये जाने से दिनांक 12.06.2023 के द्वारा क्लेम को खारिज कर दिया गया। इस प्रकार विप
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