STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Nirmala Doshi – Appellant
Versus
Anukampa Buildhome Pvt. Ltd. – Respondent
परिवाद संख्या 04/2025
| Table of Content |
|---|
| 1. petitioners' claims of deficiency in service regarding parking and construction. (Para 1) |
| 2. respondent's denial of allegations and claim of compliance with construction norms. (Para 10 , 11) |
| 3. parties' oral arguments and reliance on precedents. (Para 12 , 13 , 14 , 15) |
| 4. evaluation of evidence regarding parking allotment and alleged service deficiencies. (Para 16 , 17 , 18 , 19 , 20 , 21 , 22 , 23) |
| 5. non-joinder of necessary parties (rwa) and lack of representative suit. (Para 24 , 25 , 26) |
| 6. limitation period issues and lack of cause of action bar the claim. (Para 27 , 28 , 29 , 30 , 31 , 32 , 33) |
निर्णय
परिवादीगण श्रीमती निर्मला दोषी एवं श्री नवीन दोषी ने विपक्षीगण अनुकम्पा बिल्डहोम प्रा.लि. जरिये निदेशक श्री प्रशान्त शर्मा एवं अन्य के विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 47 के अन्तर्गत यह परिवादपत्र इन तथ्यों का पेश किया है कि परिवादीगण ने विपक्षीगण से उनके द्वारा जयपुर नगर निगम द्वारा दिनांक 15.02.2011 को आवंटित 1420 वर्गमीटर के प्लॉट संख्या- जी.आर.3, बी-ब्लॉक, ग्रैण्ड्योर, सुन्दर सिंह भण्डारी नगर, स्वेज फार्म, सोडाला, जयपुर में निर्मित अपार्टमेंट "ग्रैण्ड्योर" में पाँचवीं मंजिल पर एक फ्लैट संख्या 504 कुल राशि 50,31,328/-रुपये में दिनांक 11.08.2014 को क्रय किया, जिसका दिनांक 12.08.2014 को पंजीयन करवाया गया। उक्त फ्लैट के संबंध में परिवादीगण एवं विपक्षीगण के मध्य दिनांक 09.08.2012 का एक एग्रीमेन्ट निष्पादित किया गया, जिस एग्रीमेन्ट में विपक्षीगण द्वारा परिवादीगण को दो कवर्ड पार्किंग, जीरो ओपन पार्किंग एवं अन्य कॉमन सुविधाएँ देने का वायदा किया गया, लेकिन विपक्षीगण ने प्रतिफल राशि प्राप्त करने के बावजूद परिवादीगण के निवेदन करने के बाद भी परिवादीगण को दो कवर्ड पार्किंग उपलब्ध नहीं करवाई गई।
02. परिवादीगण का कथन है कि विपक्षीगण के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर चतुर्थ, जयपुर के समक्ष एक परिवाद प्रकरण संख्या 735/2017 प्रस्तुत किया गया, जिस परिवाद में दिनांक 03.06.2019 को पारित निर्णय में अपार्टमेंट में एक ओपन एवं एक कवर्ड पार्किंग देने का आदेश दिया गया। इस आदेश के विरुद्ध विपक्षीगण द्वारा राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई, जिस अपील संख्या 638/2019 को राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा खारिज कर दिया गया। विपक्षीगण ने उक्त दोनों निर्णयों एवं करार दिनांक 09.08.2012 का उल्लंघन करते हुए परिवादीगण को दोषपूर्ण उपभोक्ता सेवाएँ प्रदान की, जिस पर विपक्षीगण ने परिवादीगण को दिनांक 03.08.2024 को विधिक नोटिस प्रेषित करवाया, जिस विधिक नोटिस की प्राप्ति के बावजूद विपक्षीगण ने परिवादीगण को दो कवर्ड पार्किंग उपलब्ध नहीं करवाई। इसके बाद परिवादीगण ने दिनांक 21.10.2024 को विपक्षीगण को पुनः विधिक नोटिस प्रेषित करवाया, जिसका विपक्षीगण ने मिथ्या आधारों पर जवाब प्रस्तुत किया।
03. परिवादीगण ने परिवादपत्र में यह भी कथन किया कि विपक्षीगण द्वारा उक्त अपार्टमेंट में नगर निगम की स्वीकृति और अनुमति प्राप्त किये बिना मनमाने तौर पर अवैध निर्माण करवाया जा रहा है, जिसके कारण परिवादीगण को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षीगण द्वारा उक्त अपार्टमेंट में नगर निगम, जयपुर से सौर ऊर्जा उपकरण लगाने, बीम सेन्सर लगाने, जल संग्रहण यूनिट बनाये जाने, फायर फाइटिंग सिस्टम बनाये जाने एवं मैकेनिकल पार्किंग बनाये जाने की अनुमति प्राप्त की गई थी, लेकिन विपक्षीगण ने उक्त आवासीय अपार्टमेंट सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित नहीं किये, वर्षा जल संग्रहण यूनिट को सही नहीं बनाया, अग्निशमन के प्रावधान नेशनल बिल्डिंग ऑफ इण्डिया के अनुसार स्थापित नहीं किये, बीम सेन्सर नहीं लगाये तथा एसटीपी नहीं बनाई गई, जिसके कारण उक्त अपार्टमेंट में बदबू फैली रहती है।
04. परिवादपत्र में यह भी कथन किया गया कि विपक्षीगण को उक्त अपार्टमेंट में नगर निगम, जयपुर से स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ओपन कार पार्किंग, कवर्ड कार पार्किंग एवं मैकेनिकल कार पार्किंग सहित कुल 59 कार पार्किंग का निर्माण करना था, लेकिन विपक्षीगण ने मुनाफा कमाने की नीयत से उक्त आवासीय अपार्टमेंट में 72 कार पार्किंग का निर्माण कर दिया तथा मैकेनिकल कार पार्किंग का निर्माण नहीं करवाया। विपक्षीगण द्वारा उक्त आवासीय अपार्टमेंट में नगर निगम, जयपुर की स्वीकृति के बिना सेट बैक एरिया/ड्राई-वे में मनमाने तौर पर अवैध रूप से कार पार्किंग का निर्माण करके उक्त आवासीय अपार्टमेंट को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। इसके अलावा विपक्षीगण ने परिवादीगण एवं अन्य यूनिटधारियों की सिक्योरिटी राशि भी सोसायटी को वापस
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