राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सर्किट बेंच, कोटा (राज0)
अपील/इजराय संख्या:- 01/2026
प्रवीणचन्द जैन पुत्र श्री मलूकचंद जैन जाति जैन निवासी आदर्श कॉलोनी, खेडली फाटक, कोटा 324001 ।
--अपीलार्थी / प्रार्थी
बनाम
1. आदर्श क्रेडिट कोपरेटिव सोसायटी, पंजीकृत कार्यालय आदर्श भवन-14, विद्या विहार कॉलोनी, उस्मानपुरा, आश्रम रोड, अहमदाबाद-380013 जरिये लिक्वीडेटर ।
2. प्रवर्तन निदेशालय, कार्यालय जोनल भवन, द्वितीय फ्लोर, जीवन निधि द्वितीय एलआईसी बिल्डिंग, जयपुर 302005 जरिये ज्वाइंट डायरेक्टर जयपुर ।
3. सेन्ट्रल रजिस्ट्रार मल्टी एस्टेट कॉपरेटिव सोसायटी, डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड कॉपरेटिव, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली 110001 ।
--प्रत्यर्थिगण / विपक्षीगण
अपील/इजराय प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 71 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 एवं आदेश 21 रूल 11, 12, 24 एवं 24-ए सीपीसी एवं धारा 41 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 विरूद्ध आक्षेपित आदेश दिनांक 22.02.2024 द्वारा पारित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोटा ।
उपस्थिति:-
1. प्रार्थी/अपीलार्थी की ओर से स्वयं अधिवक्ता श्री प्रवीण चंद जैन ।
2. विपक्षीगण/प्रत्यर्थिगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं।
बहस सुनने की दिनांक 27.04.2026
निर्णय पारित दिनांक 29.04.2026
समक्ष:-
माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह पीठासीन सदस्य (न्यायिक)
माननीय श्रीमती करुणा जैन, सदस्या
निर्णय
राज्य उपभोक्ता आयोग, सर्किट बेंच कोटा (द्वारा श्री सुरेन्द्र सिंह, पीठासीन सदस्य, न्यायिक)
1. प्रार्थी/अपीलार्थी प्रवीण चंद जैन द्वारा यह अपील/इजराय प्रार्थना पत्र आक्षेपित आदेश दिनांक 22.02.2024, जो कि विद्वान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोटा द्वारा पारित किया गया है, से व्यथित होकर दिनांक 08.01.2026 को प्रस्तुत की गई है।
2. विद्वान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोटा द्वारा दिनांक 22.02.2024 को निम्नलिखित आदेश प्रकरण संख्या 33/2021 इजराय प्रार्थना पत्र में पारित किया गया-
"बहस सुनी गई। पत्रावली में पेश निर्णय व दस्तावेजों का अवलोकन किया गया।
हमारे मतानुसार जिला आयोग के आदेश दिनांक 06.07.2021 के अनुसार परिवादी मात्र विपक्षी क्रम 1 से आदेश की पालना एवं क्रियान्विती हेतु आदेशित किया गया है। अन्य विपक्षीगण के विरूद्ध किसी भी प्रकार का कोई आदेश/क्रियान्विती हेतु नहीं है। प्रार्थी/परिवादी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र धारा अंतर्गत 71 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 एवं आदेश 21 रूल 11 व 12 सी.पी.सी. में प्रार्थना पत्र में प्रार्थी/परिवादी द्वारा जो प्रार्थना पत्र में रिलीफ अर्थात अनुतोष चाहा गया है। न्यायोचित व न्यायसंगत नहीं होने के कारण प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है।
पत्रावली फैसला शुमार होकर बाद तकमील दाखिल दफ्तर हो।"
3. प्रार्थी/अपीलार्थी की ओर से प्रस्तुत अपील/इजराय प्रार्थना पत्र से संबंधित मामले के संक्षिप्त तथ्य यह है कि परिवादी प्रवीण चंद जैन की ओर से विपक्षीगण के विरूद्ध एक परिवाद संख्या 292/2019 विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग कोटा के समक्ष इन तथ्यों का उल्लेख करते हुए प्रस्तुत किया गया कि उसके द्वारा आदर्श क्रेडिट को0 ऑ0 सोसायटी ब्रांच कार्यालय कोटा, मैन स्टेशन रोड, कोटा जंक्शन, कोटा के यहां एफडी खाता खुलवा रखा था, जिसकी मेच्योरिटी पर परिवादी ने उनके यहां सेविंग खाते में 13,06,027/-रूपए 31 पैसे दिनांक 13.06.2019 तक जमा करा रखे थे। परिवादी ने उक्त ब्रांच कार्यालय में दिनांक 26.12.2018 को 10,70,000/-रूपए का विड्रॉल फॉर्म रकम प्राप्त करने के लिए दिया तो उसे रकम का भुगतान नहीं किया और ना ही संतोषजनक जवाब दिया। कहा गया कि विपक्षी क्रम 1 आदर्श क्रेडिट कोओपरेटिव सोसायटी पंजीकृत कार्यालय विद्या विहार कॉलोनी, उस्मानपुरा, आश्रम रोड, अहमदाबाद के निर्देशानुसार विपक्षी क्रम 4 प्रवर्तन निदेशालय नई दिल्ली द्वारा विपक्षी क्रम 1 के समस्त खातों को सील कर दिया है। इस आधार पर परिवादी समेत अनेक निवेशकों के समय रहते हुए भी निकासी नहीं हो सकी।
4. प्रार्थी/अपीलार्थी प्रवीण चंद जैन के उपरोक्त वर्णित परिवाद को विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग कोटा द्वारा दिनांक 06.07.2021 को निर्णित करते हुए निम्नलिखित आदेश पारित किया-
"परिणामतः परिवादी प्रवीणचन्द जैन पुत्र श्री मलूकचंद जैन द्वारा विपक्षी आदर्श क्रेडिट कोओपरेटिव सोसायटी अहमदाबाद के विरुद्ध प्रस्तुत परिवाद स्वीकार किया जाकर निम्न आदेश पारित किया जाता है-
01. परिवादी, विपक्षी क्रम 1 व 2 के यहां खोले गए स्वयं के सेविंग खाता संख्या 1514100100003510 में जमा राशि 13,06,027.31/-रूपए विपक्षी क्रम 1 से वसूल करने का अधिकारी है। परिवादी उक्त राशि पर तारीख दायरा परिवाद दिनांक 20.11.2019 से ताअदायगी तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित ब्याज भी प्राप्त करने का अधिकारी है।
02. परिवादी परिवाद व्यय की दम में 10,000/-रूपए भी विपक्षी क्रम 1 से वसूल करने का अधिकारी है।
03. आयोग द्वारा पारित निर्णय की अनुपालना विपक्षी क्रम 1 को तारीख निर्णय से एक माह की समयावधि करनी होगी, अन्यथा परिवादी पारित निर्णय का क्रियान्वयन विधि अनुसार करवाने के लिए स्वतंत्र होगा।"
5. प्रार्थी/अपीलार्थी द्वारा धारा 71 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत अपने पक्ष में हुए आदेश को प्रवर्तन कराने के लिए विद्वान जिला आयोग के समक्ष इजराय प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसे विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा दिनांक 22.02.2024 को उपरोक्त वर्णित आदेश पारित करते हुए खारिज कर दिया था।
6. प्रार्थी/परिवादी प्रवीण चंद जैन की ओर से दिनांक 22.02.2024 को इजराय प्रार्थना पत्र खारिज किए जाने से व्यथित होकर के धारा 41 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत इस राज्य आयोग की सर्किट बैंच कोटा के समक्ष अपील संख्या 18/2024 प्रस्तुत की गई, जिस पर दिनांक 16.01.2025 को सुनवाई करते हुए अपील का निर्णय कर दिया गया। उक्त अपील को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग कोटा द्वारा पारित आदेश दिनांक 22.02.2024 की पुष्टि कर दी गई।
7. प्रार्थी/अपीलार्थी प्रवीण चंद जैन की ओर से अपील में पारित निर्णय दिनांक 16.01.2025
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