STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
Arun Kumar Agarwal, Judicial Member, Surendra Singh, Judicial Member, Karuna Jain, Member
Sumitra Meena – Appellant
Versus
State Insurance And Provident Fund Department – Respondent
673/2025
| Table of Content |
|---|
| 1. factual background of insurance claim denial and parties involved. (Para 1) |
| 2. non-application of mind by trial body and lack of reasoning regarding quantum. (Para 10 , 11 , 12 , 13 , 14 , 15 , 16 , 17) |
अपील संख्या :- 673/2025
श्रीमती सुमित्रा मीणा बनाम राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग एवं अन्य
उपस्थित:- अपीलार्थिया/परिवादिया की ओर से श्री नरेन्द्र गोयल, अधिवक्ता। प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण की ओर से श्री गोपाल शास्त्री एवं श्रीमती गायत्री जोशी, अधिवक्तागण।
बहस सुनने की दिनांक :- 17.04.2026 निर्णय सुनाने की दिनांक :- 03.06.2026
निर्णय
[द्वारा:- माननीय श्री अरुण कुमार अग्रवाल, सदस्य (न्यायिक)]
यह अपील अपीलार्थिया/परिवादिया श्रीमती सुमित्रा मीणा ने प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण के विरुद्ध विद्वान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर प्रथम, जयपुर के द्वारा परिवाद प्रकरण संख्या 473/2024 बउनवान "श्रीमती सुमित्रा मीणा बनाम राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग एवं अन्य" में पारित संशोधित निर्णय दिनांक 28.10.2025 के विरुद्ध प्रस्तुत की है, जिसके द्वारा अपीलार्थिया/परिवादिया का परिवाद प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण के विरुद्ध आंशिक रूप से स्वीकार कर निम्नलिखित आदेश पारित किया है:-
"अतः परिवादिया का परिवाद विरुद्ध विपक्षीगण आंशिक रूप से स्वीकार किया जाकर आदेश निम्न प्रकार से पारित किया जाता है कि 1. विपक्षीगण, परिवादिया को क्लेम की राशि 5,00,000/- रुपये (अक्षरे पांच लाख रुपये) परिवाद दायर दिनांक से 9 प्रतिशत वार्षिक मय साधारण ब्याज की दर सहित ताअदायगी तक अदा करें। 2. विपक्षीगण द्वारा परिवादिया को मानसिक व शारीरिक संताप बतौर 20,000/- रुपये (अक्षरे बीस हजार रुपये), परिवाद व्यय के रूप में 10,000/- रुपये (अक्षरे दस हजार रुपये) की राशि अतिरिक्त दिलाये जाने के आदेश पारित किये जाते है। 3. विपक्षीगण को यह भी आदेशित किया जाता है कि उक्त वर्णित राशि निर्णय की तिथि से 45 दिवस में परिवादिया को अदा करें। 4. परिवादिया की शेष प्रार्थना अस्वीकार की जाती है। उक्त अनुसार संशोधित निर्णय आज दिनांक 28.10.2025 को लिखकर सुनाया गया।"
02. अपील से संबंधित परिवाद के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार से है कि परिवादिया का पुत्र अंकित मीणा द्वितीय श्रेणी अध्यापक के रूप में राजकीय सेवत था, जिसका एम्पलाई आई.डी. नं.- RJSH202458002331 था, परिवादिया के पुत्र का मूल वेतन 11,968/- रुपये प्रतिमाह था, जिसमें से ग्रुप इंश्योरेंस के रूप में मूल वेतन 700/- रुपये प्रीमियम की कटौती होती थी और कुल 2,240/- रुपये कटौती के पश्चात् 9,728/- रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त होता था, जो कि परिवादिया के पास उपलब्ध माह जनवरी, 2024 की वेतन स्लीप के अनुसार है, इसके पश्चात भी लगातार दुर्घटना तिथि दिनांक 15.03.2024 से पूर्व के माह के वेतन स्लीप के अन्तर्गत भी ग्रुप इंश्योरेंस के पेटे प्रीमियम उसके पुत्र के वेतन में से कटौती होकर विपक्षी बीमा विभाग को उसके पुत्र के नियोजक विभाग के द्वारा किया गया है। उसका पुत्र राजकीय सेवत रहते हुए विपक्षी बीमा विभाग के अन्तर्गत ग्रुप इंश्योरेंस में कवर्ड था और उसके तहत दुर्घटनाश मृत्यु होने पर 10,00,000/- रुपये बीमाधन की सुरक्षा कवरेज राशि के अन्तर्गत वह कवर्ड था अर्थात् दुर्घटनाश मृत्यु होने पर राज्य सरकार के द्वारा दिये जाने वाले अन्य परिलाभों के अतिरिक्त उसकी नॉमिनी अर्थात् परिवादिया 10,00,000/- रुपये विपक्षी बीमा विभाग से प्राप्ति की हकदार थी। परिवादिया मृतक कर्मचारी अंकित कुमार मीणा एवं विपक्षी बीमा विभाग के ग्रुप इंश्योरेंस में कवर्ड बीमित कर्मचारी की माता है तथा सरकारी रिकॉर्ड में उसका नाम बतौर वारिस/नॉमिनी दर्ज है एवं चूंकि बीमा विभाग के द्वारा परिवादिया के द्वारा प्रस्तुत उसके पुत्र की दुर्घटनाश मृत्यु का क्लेम विपक्षी विभाग के द्वारा खारिज फरमा दिया है इसलिये विपक्षी विभाग के विरुद्ध परिवादिया हस्तगत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की विधिक अधिकारिणी है। परिवादिया का पुत्र 15.03.2024 को सुबह 9.30 बजे शाहपुरा से अपनी स्कूल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आमली कालूसिंह जाने के लिये अपनी मोटरसाईकिल नम्बर- आर.जे.60-एस.डी.-2518 से रवाना होकर अरनिया घोड़ा पुलिया पार कर ईंट भट्टे के सामने पहुंचा तो तेज गति से सामने से आ रही एक मोटरसाईकिल नम्बर- आर.जे.51.एस.के. 0284 ने चालक ने तेज गति व लापरवाहीपूर्वक चलाकर अंकित कुमार मीणा की मोटरसाईकिल के टक्टर मार दी, जिससे परिवादिया के बेटे के गम्भीर चोटें आयी, जिसे शाहपुरा राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे भीलवाड़ा रेफर कर दिया, जहां पर रामस्नेही अस्पताल, भीलवाड़ा में दौरान इलाज परिवादिया के पुत्र की मृत्यु हो गयी। उक्त दुर्घटना क
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