HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN - JAIPUR BEN
BHAWANI SINGH RAJAWAT S/O SHRI SUMER SINGH RAJAWAT – Appellant
Versus
JAGRAM MEENA S/O SHRI GORAKHYA RAM MEENA – Respondent
CRLMP 919/2021
HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN
BENCH AT JAIPUR
S.B. Criminal Miscellaneous (Petition) No. 919/2021
Bhawani Singh Rajawat S/o Sumer Singh Rajawat, Aged
About 50 Years, R/o Gram Chamandeda, District Dausa
(Presently Residing In Flat No. 203 Singis Sapphire Moon
Apartment, D-263, Durga Marg, Sen Colony, Bani Park,
Jaipur)
----Acuused-Petitioner
Versus
Jagram Meena S/o Shri Gorakhya Ram Meena, Aged About 64
Years, R/o Gadibadhwa Post Gawda Meena Tehsil Hindaun
District, Karauli, Rajasthan. (Presently Residing Satgopal Kunj
Saraswati Nagar Near Mds University, Ajmer).
----Complainant-Respondent
For Petitioner(s)
:
Mr. Kapil Sharma
For Respondent(s)
:
Ms. Ambika
HON'BLE MR. JUSTICE SATISH KUMAR SHARMA
Order
12/02/2021
याची-अभियुक्त् नने् धारा् 482 दण््ड् प्रकरक्रिया् ा सया संसंह संहिता् ा कने् अ अन्त्तरन्तर्गत् य संहि
याचचा का् धारा् 138 एनआई् एक्ट् ा कने् अ अन्त्तरन्तर्गत् अन्यायालय, मुख्य् अन्यायया क् मजमजिस्सनेट,
ा करकरौली्म में्लया संकलंबित्आपरााधधा क् प्रा करण्ा सया संख्या-66/2020 मजि्तरराम्मीणा्लंबिनाम्िवानी
ाधा सं संहि् रामजिावत् म में् कवचारण् अन्यायालय् दारा् भलयने् ्तरयने् प्रा सया सं्रसंजान् आदनेश् आदेश ददनाया संा क
15.01.2020 एवया सं्अ अन्य्आदनेश्07.01.2021 ा को्अपास्त्ा करनने्एवया सं्उपरोक्त्प्रा करण
ा को्कवशशष्ष्ठ्एन.आई. एक्ट् अन्यायालय्ा सया संख्या-2, अमजिमनेर्म में्अया संतररत्ा करनने्ा की्प्रारन्तर्गना्ा कने
ा सार्पनेश्ा की््तरई् संहि।।
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[CRLMP-919/2021]
दोनों्पकों्ा की्लंबि संहिा स्ा सुनी््तरई्एवया सं्प पतावली्ा का्अवलोा कन्का कया््तरया।
कवदान्अाधधवक्ता्याची-अभियुक्त्ा की्दलील में् संहि हैं्का क्दोनों्पकों्ा कने्म के मध्य
प संहिलने्ा सने्दो्पररवाद्धारा् 138 पररक्रिाम्य्भलखत्अाधधकनयम्ा कने्अ अन्त्तरन्तर्गत्अमजिमनेर्र सेर स्थित
अन्यायालय् म में् चल् र संहिने् संहि हैं।् ्लंबिाद् म में् पररवादी् नने् तीा सरा् पररवाद् अभियुक्त् ा कने् जखलाफ
ा करकरौली्र सेर स्थित् अन्यायालय्म में्दायर्ा कर् आदेश ददया् संहि।।््धारा्142A(2) N.I. Act ा कने्ा सया संशोाधधत
प्रावधानों्ा कने्अनुा सार्पपश्चातवतातवर्ती्िी्अमजिमनेर्र सेर स्थित् अन्यायालय्म में्चलनने्योM्य् संहि।।््प्रपश्न्तरत
पररवाद्पर्ा करकरौली्र सेर स्थित् अन्यायालय्दारा्भलया््तरया्प्रा सया सं्रसंजान्कवाधध-कवरूद्ध् संहि।।््मजिो्अपास्त
ा करतने्हुए्पररवाद्ा को्अमजिमनेर्र सेर स्थित् अन्यायालय्म में्अया संतररत्का कया्मजिाना् अन्यायोचचत् संहि।।््
दूा सरी्ओर्कवदान्अाधधवक्ता्अयाची-पररवादी्ा का्ा क संहिना् संहि।्का क्आलोच््य
आदनेश् म में् ा कोई् पतु आदेश दट् न संहिि नहीं् संहि।।् ्अभियुक्त् नने् कवचारण् अन्यायालय् ा कने् ा समक् आमजि् ता क
उपर सेर स्थिकत्न संहिि नहीं्दी् संहि।।््उा सनने्ा सीधने् संहिी्इा स् अन्यायालय्म में्याचचा का्पनेश्ा कर्दी् संहि।, मजिो्खाररमजि
संहिोनने् योM्य् संहि।।् ्उ अन् संहिोंनने् अपनने् ा समरन्तर्गन् म में् अन्याय् दृष्टा अन्त् 2016 (1) Criminal 367
M/s. Bridgestone India Pvt. Ltd. Vs. Inderpal Singh प्रस्तुत्का कया।
मजिवालंबि्म में्कवदान्अाधधवक्ता्याची-अभियुक्त्ा का्ा क संहिना् संहि।्का क्कवचारण
अन्यायालय्नने्याची-अभियुक्त्ा कने्जखलाफ्क्तररफारी्वारण््ट्मजिारी्रखने् संहि हैं।््ऐा सी्र सेर स्थिकत्म में
उा सने्कवचारण् अन्यायालय्ा कने्ा समक्उपर सेर स्थित् संहिोा कर्आवनेदन्प्रस्तुत्ा करनने्ा कने्भलयने्क्तररफारी
वारण््ट्ा सने्ा सया संरकण् आदेश ददया्मजिाना्उचचत् संहि।।
उपरोक्त्दलीलों्ा कने्ा सया संदिन्तर्ग्म में्प पतावली्ा का्अवलोा कन्ा करनने्पर्य संहि्स्पष्ट
र सेर स्थिकत्ा सामनने्आती् संहि।्का क्कवचारण् अन्यायालय्नने्पररवादी्ा की्ओर्ा सने्प्रस्तुत्पररवाद्एवया सं
उा सा कने्ा समरन्तर्गन्म में्प्रस्तुत्दस्तावनेमजिों् ्ा कने्आधार्पर्याची-अभियुक्त्ा कने्जखलाफ्प्रा सया सं्रसंजान
भलया् संहि।, जमजिा सम में् आदेश ददखती्हुई्ा कोई् पतु आदेश दट्न संहिि नहीं् संहि।।््लंबिाा की्उपरोक्त्कवशशष्ष्ठ्पररर सेर स्थिकतयों्म में
्तरुणाव्तरुण्पर्ा कोई्मत्व्यक्त्का कयने्कलंबिना्य संहि्याचचा का्इा स्कनद निर्देश्ा कने्ा सार्कनस्ताररत्ा की
मजिाती् संहि।्का क्य आदेश दद्याची-अभियुक्त्दारा्कवचारण् अन्यायालय्ा कने्ा समक्आवनेदन्का कया्मजिाता
संहि।्तो्कवचारण् अन्यायालय्दारा्दोनों्पकों्ा को्ा सुना कर्ऐा सने्आवनेदन्पर्आलोच््य्आ