2026 Supreme(Online)(RCT) 1375
RAILWAY CLAIMS TRIBUNAL, LUCKNOW BENCH
Bipan Lal, J, Archana Shrivastava, Technical Member
ASHA MAHASETH – Appellant
Versus
GM/ECR – Respondent
OA/II/U/LKO/120/2023
Important Points
Subject
Compensation Law - Railway Accident Claims
Act Referred
Headnote
(B) Untoward Incident - Boarding a train - Falling while attempting to board a train constitutes an 'untoward incident' under Section 123(c) of the Railways Act, 1989, regardless of whether the passenger had fully entered the carriage. (Para 8)
(C) No Fault Liability - Contributory Negligence - In claims based on 'no fault theory', the plea of negligence or 'self-inflicted injury' (without intent) cannot be used to deny compensation for an untoward incident. (Para 8)
Issues: Whether the deceased was a bonafide passenger and whether the death resulted from an 'untoward incident' under the Railways Act, 1989.
For the Appellants/Petitioners: C.P. Singh
For the Respondents: A.S. Gaur
रेल दावा अधिकरण, लखनऊ पीठ, लखनऊ। वाद संख्या : a.u./I/U/LKO/i20/2023 पीठासीनःन्यायमूर्ति श्री बच्चू लाल, माननीय सदस्य (न्याय) रेल दावा अधिकरण, लखनऊ।
श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, माननीय सदस्य (तकनीकी) रेल दावा अधिकरण, लखनऊ।
संस्थन की तिथि : 06.04.20i5 बहस सुनी गई : 05.08 .2026 निर्णय की तिथि : 06.08 .2026 आशा महासेठ उम्र 6 वर्ष विधवा AO अयोध्या महासेठ (मृतक की विधवा), निवासिनी ग्राम व पोस्ट हथियाही, थाना खजौली एवं जिला मधुबनी, बिहार।
.................याचिनी
बनाम भारत संघ, द्वारा महाप्रबन्धक, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर। ..............उत्तरदाता
दावा राशि : SO i0,00,000/- मय ब्याज उपस्थितिः श्री सी. पी. सिंह, अधिवक्ता, याचिनी की ओर से जरिये वर्चुअल मोड।
श्री एच. एस. गौतम, अधिवक्ता, उत्तरदाता की ओर a निर्णय न्यायमूर्ति श्री बच्चू लाल, माननीय सदस्य (न्याय), श्री बच्चू लाल माननीय सदस्य (न्याय t. यह याचिका याचिनी, आशा महासेठ ने रेल दावा अधिकरण अधिनियम, 987 की ae-i6 के अन्तर्गत दिनांक 20.40.20i3 को घटित अपने पति, अयोध्या महासेठ की रेल दुर्घटना में आहत हो जाने के कारण दौरान उपचार मृत्यु हो जाने के परिणामस्वरूप, उन पर अपनी आश्वितता के आधार पर भारत संघ द्वारा महाप्रबन्धक, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के विरूद्ध क्षतिपूर्ति की याचना के साथ प्रस्तुत की
है। याचिनी के अभिकथन के अनुसार मृतक, अयोध्या महासेठ दिनांक 20.i0.20i3 को खजौली से मधुबनी रेलवे स्टेशन की यात्रा द्वितीय श्रेणी रेल टिकट लेकर ट्रेन से कर रहे थे कि यात्रा के दौरान खजौली रेलवे स्टेशन पर उक्त ट्रेन से दुर्घटनावश गिर कर गम्भीररूप से घायल हो गये तथा उपचार के
दौरान उनकी मृत्यु हो गयी। दुर्घटना में उनका यात्रा टिकट कहीं गुम हो गया।
2. उत्तरदाता की ओर से अपना लिखित उत्तर प्रस्तुत करते हुए, याचीगण के उपरोक्त अभिकथनों से पूर्णतः इनकार किया गया है और याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त कथन में यह कहा है कि मृतक उक्त ट्रेन का यात्री नहीं था और न ही उसके पास कथित घटना की तिथि का यात्रा टिकट था। यह सत्य नहीं है कि मृतक घटना की तिथि को ट्रेन से दुर्घटनावश गिरा था। इसलिए यह याचिका झूठी एवं मनगढ़ंत है और यह मामला “अनपेक्षित घटना” की परिधि में नहीं आता है। याची पक्ष द्वारा बनाई गयी कहानी झूठी एवं मनगढ़ंत है जो प्रतिवादी/रेलवे प्रशासन से मात्र क्षतिपूर्ति प्राप्त करने हेतु बनाई गयी है। डीआरएम रिपोर्ट/जांच रिपोर्ट के अनुसार, मृतक तेज गति से चलती ट्रेन को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और कथित घटना की तिथि को ट्रेन से रन ओवर हो गया। दावा याचिका के पैरा-6 एवं 6 (बी) में दी गयी जानकारी रेलवे अधिनियम, 989 की धारा 423 (सी) (2) सपठित धारा (24-0 के तत्वों को आकर्षित करने हेतु पर्याप्त नहीं है। प्रतिवादी /रेलवे प्रशासन, रेलवे अधिनियम 989 की धारा i24-0 के Exception clause के तहत संरक्षित है। यह मृतक द्वारा
Exception clause SARA आपराधिक कृत्य के कारण किया गया आत्म-प्रह्मर है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर याचिनी
की याचिका गलत एवं असत्य तथ्यों पर आधारित है जो सव्यय खारिज किये जाने योग्य है।
वाद-बिन्दु fs न्दु
3. पक्षकारों के अभिवचनों के आधार पर इस याचिका के निर्णय के लिए दिनांक 2.:2.2025 को निम्नलिखित वादबिन्दु बनाये गये :-
1. Whether the deceased was a bonafide passenger of the train in question?
2. Whether incident of death of the deceased falls under the ambit of an untoward incident as defined u/s 123 (c) (2) read with Section 124-A of the Rlys. Act, 1989?
3. Whether the applicant is the only dependent of the deceased?
4. To what relief ?
4. याचिनी द्वारा अपने अभिकथन के समर्थन में याचिनी, आशा महासेठ (स्वयं) का शपथ पत्र ए. Sa-t के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनका प्रतिपरीक्षण दिनांक 20.04.2026 को प्रतिवादी पक्ष द्वारा किया गया। प्रलेखीय साक्ष्य के रूप में याचिनी की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहार का मूल पर्चा (Fast संख्या-ए/), मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा याचिनी एवं अन्य के आधार कार्ड की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं।
5. उत्तरदाता की ओर से अपने अभिकथन के समर्थन में अपर मण्डल रेल प्रबन्धक, समस्तीपुर की ओर से वैधानिक विवेचना आख्या की प्रतियाँ मय संलग्नक प्रदर्श संख्या-१- के रूप में प्रस्तुत की
गयी हैं अन्य कोई मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
6. उभय पक्षों के विद्वान अधिवक्तागण की बहस सुनी गयी एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का
सम्यक् परिशीलन किया गया।
विनिश्चय वाद बिन्दु संख्या-0
7. याचिनी की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, खजौली, मधुबनी का मूल पर्चा दाखिल किया गय