क्या के आदेश को कर सकता है?
और के बीच का विवाद भारतीय कानून में आम है, खासकर भूमि, कब्जा और टाइटल से जुड़े मामलों में। कई बार के आदेश में , गलत प्रतिनिधित्व या संबंधी दोष होने पर हस्तक्षेप करता है। क्या के आदेश को द्वारा किया जा सकता है? इस प्रश्न का उत्तर हां में है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि कब और कैसे ऐसा कर सकता है, प्रमुख केस लॉ के संदर्भ सहित।
यह जानकारी सामान्य है और विशिष्ट कानूनी सलाह नहीं। किसी भी मामले में वकील से परामर्श लें।
मुख्य कानूनी निष्कर्ष
हां, के आदेश को कर सकता है, खासकर जब आदेश , या के दोष पर आधारित हो, या उस विषय में सक्षम न हो। की तब तक बरकरार रहती है जब तक यह स्पष्ट रूप से या निहित रूप से प्रतिबंधित न हो। हालांकि, विशेष रेवेन्यू वाले मामलों में यह सीमित हो सकती है। 2012 1 Supreme 258 1988 0 Supreme(All) 474 2005 0 Supreme(Guj) 353
प्रमुख बिंदु
- विशेष रखते हैं, लेकिन या आपराधिकता जैसे जटिल मुद्दों पर का प्रयोग कर सकते हैं जहां असमर्थ होते हैं।
- यदि या शामिल हो, तो राहत दे सकता है जब तक विशेष कानून प्रतिबंध न करे।
- लंबित के दौरान रेवेन्यू अथॉरिटी एंट्री/आदेश को पूरी तरह रद्द नहीं कर सकती; इसे सिविल परिणाम के अधीन रखना पड़ता है।
विस्तृत विश्लेषण
की व्यापक बनाम की सीमित
सामान्यतः सभी सिविल विवाद सुनते हैं जब तक स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित न हों। के आदेशों को चुनौती देने पर, जांच सकता है कि क्या ने पार किया या हुआ। या आपराधिकता के आरोपों को प्रभावी ढंग से तय करने के लिए सुसज्जित या सक्षम नहीं होते, केवल ही ऐसे मुद्दों को आजमाने के लिए वास्तव में कुशल और अनुभवी होते हैं।2012 1 Supreme 258 इस केस में, के को ुलेंट मानते हुए ने लिया, क्योंकि आरोप संभाल नहीं सकती।
इसी प्रकार, शून्य/ (जैसे सेल डीड्स) के रद्दीकरण के लिए सक्षम है: Suits for cancellation of void or voidable instruments and documents are essentially suits of civil nature and are cognizable by a civil court. The jurisdiction of Civil Court is ousted if the relief can be granted by the special court conferred with jurisdiction to grant such reliefs.1988 0 Supreme(All) 474 यहां के तहत भी टाइटल/कब्जा सूट सुन सकती है यदि में राहत न मिले।
या दोष पर शून्य घोषणा
फ्रॉडulent समझौते पर आधारित रेवेन्यू डिक्री को कर सकता है, यहां तक कि के बावजूद: A challenge to a compromise decree on the ground that it was obtained by fraudulent means would also fall under the provisions of . Aur Challenge to order passed by Revenue Authority on the basis of false and non-existent compromise not barred under Order XXIII Rule 3-A.2012 1 Supreme 258 के पास ओवरटोन वाले केस प्रभावी ढंग से तय करने की क्षमता नहीं।
लंबित और रेवेन्यू एंट्री/आदेश
रेवेन्यू अथॉरिटी रजिस्टर्ड सेल डीड पर एंट्री को पूरी तरह रद्द नहीं कर सकती जब उसकी वैधता को चुनौती दे रहा हो: Court even in the matter, where the validity of the registered sale deed was under challenge by preferring civil suit... entry deserves to be restored in the revenue record with the clarification that they shall be subject to the outcome of the proceedings... in the Civil Court.2005 0 Supreme(Guj) 353 का परिणाम अंतिम होता है।
अपवाद: विशेष प्रतिबंध
कुछ मामलों में सिविल प्रतिबंधित: The jurisdiction of a civil court shall be barred in respect of suits based on a cause of action for any of the reliefs (a) mentioned in column 4 of Schedule II as being cognizable by revenue court.1968 0 Supreme(All) 120 वक्फ एक्ट में भी सिविल/ प्रतिबंधित हैं सिवाय विशिष्ट मामलों जैसे रिसीवर नियुक्ति के। 2021 8 Supreme 477
काउंटरआर्ग्यूमेंट: कलेक्टर जैसे रेवेन्यू अधिकारी सिविल पावर एक्सरसाइज करते हुए भी कुछ संदर्भों में नहीं माने जाते, लेकिन ये कोर्ट फीस जैसे तकनीकी मामले हैं, न कि शून्य घोषणा। 1959 0 Supreme(Mad) 188 1959 0 Supreme(Mad) 185
अन्य स्रोतों से संदर्भ: खनिज रॉयल्टी और निर्माण अनुबंधों में, विशेष नियमों (जैसे , Rule 40(10)) का अनुपालन अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान रोक सकता है। इसी तरह, विशेष स्टैच्यूट में सिविल हस्तक्षेप सीमित रहता है। 2005 Supreme(Online)(Jhk) 4 2004 0 Supreme(Jhk) 1069
अपवाद और सीमाएं
- यदि स्टैच्यूट (जैसे S.293, S.85) स्पष्ट रूप से सिविल प्रतिबंधित करे, तो नहीं। 2005 0 Supreme(All) 660 2021 8 Supreme 477
- टाइटल/कब्जे के साधारण मामलों में रेवेन्यू विशेष, लेकिन /ों में सिविल खुला। 1988 0 Supreme(All) 474
- कंसोलिडेशन अथॉरिटीज के निर्णय अंतिम, सिविल/रेवेन्यू दोबारा खोल नहीं सकते।
सिफारिशें
- या शून्यता का आरोप लगाते हुए दाखिल करें, प्रमाण सहित।
- रेवेन्यू आदेश चुनौती देने से पहले जांचें कि विशेष स्टैच्यूट प्रतिबंध तो नहीं।
- लंबित में अंतरिम राहत लें ताकि रेवेन्यू एंट्री/आदेश न बदले।
संदर्भ
- 2012 1 Supreme 258: रेवेन्यू डिक्री को पर कर सकता है; रेवेन्यू असमर्थ।
- 1988 0 Supreme(All) 474: रद्दीकरण सूट में दखिलपात्र जब तक विशेष प्रतिबंध न हो।
- 2005 0 Supreme(Guj) 353: रेवेन्यू लंबित के विरुद्ध एंट्री पूरी तरह रद्द नहीं कर सकती; सिविल परिणाम अधीन।
- 1968 0 Supreme(All) 120: शेड्यूल II के विशिष्ट राहतों के लिए प्रतिबंध।
- 2005 0 Supreme(All) 660: सिविल डिक्री रेवेन्यू पर बाध्यकारी जब तक विशेष प्रतिबंध न हो।
- 1959 0 Supreme(Mad) 188: रेवेन्यू अधिकारी (कलेक्टर) कुछ उद्देश्यों के लिए नहीं।
निष्कर्ष और प्रमुख takeaways
रेवेन्यू आदेशों की वैधता की जांच कर सकता है, विशेष रूप से या दोष में, लेकिन विशेष कानूनों के प्रतिबंधों का सम्मान जरूरी। यदि आप भूमि विवाद में हैं, तो प्रमाण इकट्ठा करें और पर विचार करें। यह सामान्य जानकारी है; व्यक्तिगत सलाह के लिए वकील संपर्क करें। इस पोस्ट को शेयर करें और कानूनी जागरूकता फैलाएं!
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