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Handling POCSO Cases Chargesheeted in Regular Courts: Legal Procedures for Jurisdiction Transfer

POCSO धारा 11 या 12 के आरोप: पुलिस ने नियमित अदालत में चार्जशीट क्यों दाखिल की?

POCSO अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून है। लेकिन कई मामलों में पुलिस FIR या पीड़ित के बयान में धारा 11 (यौन उत्पीड़न) या धारा 12 (यौन आकांक्षा) का उल्लेख होने के बावजूद चार्जशीट को POCSO विशेष अदालत के बजाय नियमित मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल कर देती है। यदि POCSO धारा 11 या 12 के तहत आरोप हैं लेकिन पुलिस ने चार्जशीट नियमित अदालत में दाखिल की, तो क्या करें? यह सवाल कई अभियोजन पक्ष और आरोपी पूछते हैं। इस ब्लॉग में हम इसकी विधिक स्थिति, अदालती निर्णयों और उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ध्यान दें, यह सामान्य जानकारी है, विशिष्ट कानूनी सलाह के लिए वकील से संपर्क करें।

मुख्य विधिक निष्कर्ष

यदि पीड़ित के बयान या FIR में POCSO की धारा 11 या 12 के आरोप हैं, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट में POCSO धाराएं न लगाते हुए या लगाते हुए सामान्य मजिस्ट्रेट अदालत में प्रस्तुत की, तो मजिस्ट्रेट को चार्जशीट पर संज्ञान लेना चाहिए। जांच सामग्री से यदि POCSO अपराध बनता दिखे, तो धारा 209 CrPC के तहत मामले को POCSO विशेष अदालत में प्रतिबद्ध (commit) कर देना चाहिए। यदि चार्जशीट में POCSO धारा शामिल है, तो इसे सीधे POCSO विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, अन्यथा प्रक्रिया अनुचित है। 2015 0 Supreme(All) 580

मुख्य बिंदु:- पुलिस रिपोर्ट यदि POCSO अपराध से संबंधित है, तो इसे POCSO विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। 2015 0 Supreme(All) 580 1994 0 Supreme(All) 259- यदि चार्जशीट में POCSO धारा नहीं है, तो मजिस्ट्रेट संज्ञान ले सकता है और फ्रेमिंग ऑफ चार्ज स्टेज पर या धारा 209 CrPC के तहत विशेष अदालत को प्रतिबद्ध कर सकता है। 2015 0 Supreme(All) 580- POCSO विशेष अदालत अन्य जुड़े अपराधों (IPC आदि) का भी विचारण कर सकती है। 2021 0 Supreme(MP) 364

POCSO मामलों में चार्जशीट की प्रक्रिया और क्षेत्राधिकार

POCSO अधिनियम की धारा 33(1) के अनुसार, विशेष अदालत सीधे पुलिस रिपोर्ट या शिकायत पर संज्ञान ले सकती है यदि वह POCSO अपराध से संबंधित हो। एक conjoint reading of Sections 2(2), 28(2) and 33(1) of the Pocso Act read with Section 4(2) of the Code would go to show that if a police report or complaint relates to an offence punishable under the Pocso Act it will have to be presented before the Special Court constituted under the said Act even though it may also relate to offences other than those punishable under the Pocso Act। 2015 0 Supreme(All) 580

यदि चार्जशीट में POCSO धारा (जैसे 11 या 12) शामिल नहीं है, तो मजिस्ट्रेट को संज्ञान लेना चाहिए। एक मामले में IPC धाराओं (354-A, 352 आदि) वाली चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट ने गलती से विशेष अदालत भेज दी, जो गलत था: since the police report did not include any offence punishable under Pocso Act, Magistrate could have taken cognizance of the offences mentioned in the police report and, thereafter, if he had found that other offences were also made out which were triable by a Court of Session or Special Court, could have committed matter to Special Court under provisions of Code.2015 0 Supreme(All) 580

अन्य स्रोतों से स्पष्ट है कि POCSO मामलों में एकाधिक FIRs एक ही घटना के लिए अमान्य हैं। उदाहरणस्वरूप, दो FIRs को एक ही chargesheet में मिलाया जाना चाहिए। 2023 0 Supreme(Bom) 2301 The court established that multiple FIRs arising from the same transaction are impermissible under the Code of Criminal Procedure, and such cases should be consolidated into a single chargesheet。

POCSO और अन्य अधिनियमों के संयुक्त मामलों में विशेष अदालत का क्षेत्राधिकार

POCSO और SC/ST अधिनियम दोनों के मामलों में भी POCSO विशेष अदालत ही विचारण करेगी: case under provisions of both Acts -- trial shall be conducted by Special Courts constituted under POCSO Act. धारा 28(2) POCSO के तहत विशेष अदालत अन्य अपराधों का भी विचारण कर सकती है। 2021 0 Supreme(MP) 364 2015 0 Supreme(AP) 765

POCSO अधिनियम की धारा 42A स्पष्ट करती है कि इसके प्रावधान अन्य कानूनों पर प्राथमिकता रखते हैं: The provisions of this Act shall be in addition to and not in derogation of the provisions of any other law for the time being in force and, in case of any inconsistency, the provisions of this Act shall have overriding effect। 2015 0 Supreme(AP) 765

मजिस्ट्रेट की शक्तियां और आरोप जोड़ना

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, पुलिस चार्जशीट के बाद मजिस्ट्रेट धाराएं जोड़/घटा नहीं सकता। यह ट्रायल कोर्ट द्वारा फ्रेमिंग ऑफ चार्ज (धारा 216, 218 या 228 CrPC) के स्टेज पर होगा। यदि POCSO अपराध बनता है, तो मजिस्ट्रेट धारा 209 CrPC से सेशन/विशेष अदालत को प्रतिबद्ध कर सकता है, क्योंकि POCSO विशेष अदालत सेशन कोर्ट मानी जाती है (धारा 31 POCSO)। 2015 0 Supreme(All) 580

जॉइंट ट्रायल के लिए, विभिन्न अपराध एक ही transaction में होने पर संभव है। 2017 0 Supreme(Bom) 363Accused persons committing different offences under Act in course of same transaction, can be charged and tried together in a single trial.

अपवाद और सीमाएं

  • यदि चार्जशीट में POCSO धारा स्पष्ट रूप से शामिल है, तो नियमित मजिस्ट्रेट का संज्ञान अवैध; हाईकोर्ट से ट्रांसफर। 2015 0 Supreme(All) 580
  • FIR में POCSO न होने पर भी बच्चे का चिकित्सा परीक्षण अनिवार्य। 2018 4 Supreme 33
  • बहु-धारा मामलों में POCSO प्राथमिकता क्योंकि बाद का विशेष अधिनियम। 2021 0 Supreme(MP) 364

बेल के संदर्भ में, जांच पूरी होने पर और कोई हिरासत जरूरी न हो तो बेल मिल सकती है, खासकर परिवार समर्थन हो। 2025 Supreme(Online)(KAR) 12134

सिफारिशें और उपाय

  1. यदि चार्जशीट नियमित अदालत में है और POCSO सिद्ध, अभियोजन धारा 209 CrPC से प्रतिबद्धता या धारा 216 से आरोप जोड़ने का आवेदन करे।
  2. आरोपी/अभियोजन हाईकोर्ट में धारा 482 CrPC या 407/408 से हस्तांतरण याचिका दायर करे।
  3. विशेष अदालत में जमानत अस्वीकृति पर CrPC धारा 439 से अपील। 2021 0 Supreme(MP) 364
  4. तत्काल: अदालत से चार्जशीट समीक्षा करवाएं और प्रतिबद्धता आदेश लें।

निष्कर्ष और मुख्य takeaways

POCSO मामलों में विशेष अदालत का क्षेत्राधिकार प्राथमिक है। नियमित अदालत में दाखिल चार्जशीट को मजिस्ट्रेट धारा 209 CrPC से ट्रांसफर कर सकता है। हमेशा जांच सामग्री की समीक्षा करें। यह जानकारी सामान्य है; व्यक्तिगत मामलों में वकील की सलाह लें। बच्चे की सुरक्षा सर्वोपरि है।

संदर्भ:1. 2015 0 Supreme(All) 580: मजिस्ट्रेट की भूमिका और प्रतिबद्धता।2. 2021 0 Supreme(MP) 364: विशेष क्षेत्राधिकार और अपील।3. 2018 4 Supreme 33: चिकित्सा परीक्षण।4. 2015 0 Supreme(AP) 765: ओवरराइडिंग इफेक्ट।5. 2023 0 Supreme(Bom) 2301: मल्टीपल FIRs।

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